देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी, बनबसा में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्यहित और जनसरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने सहित पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, राजकोषीय प्रबंधन, उच्च शिक्षा, सिंचाई और स्थानीय निकायों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
वर्ग-3 व वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही नैनीताल जिले के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा देहरादून के जौनसार-बावर क्षेत्र में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण को भी मंजूरी दी गई है। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर तथा इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा।
पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़
ग्रीनफील्ड पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई। इस धनराशि का उपयोग कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में किया जाएगा।
राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत
कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत तथा कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में नियमानुसार अतिरिक्त छूट का प्रावधान रहेगा।
वन विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव
वन विभाग में विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को भी मंजूरी मिली। निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इससे वनाग्नि, आपदा, बाढ़ नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल योजना का लाभ
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 संचालित करने को मंजूरी दी। योजना का लाभ राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। योजना पर पांच वर्षों में करीब ₹200 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन
राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए निर्धारित नीति एवं मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक भी निर्धारित किए जाएंगे।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट ने संपत्ति के लेन-देन में PAN Verification व्यवस्था लागू करने, छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखने, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान लागू करने, राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन तथा सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
इसके अलावा उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने, कुक्कुट आहार सब्सिडी का भुगतान आधार सीडेड बैंक खातों के माध्यम से DBT से करने, पशुपालन-डेयरी-मत्स्य पालन विभागों के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने और राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट तथा डेमोन्स्ट्रेटर के वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी गई।
बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे एवं तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द शुरू करने की बात कही।
इसके साथ ही शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत बनबसा एवं टनकपुर के प्राचीन और पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण की घोषणा की गई। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
वहीं, बनबसा और टनकपुर शहरी निकाय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे और अस्थायी मकानों में रह रहे लोगों को स्थायी एवं पक्के आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, आवास, धार्मिक स्थलों और पर्यटन के विकास को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम लगातार किया जा रहा है।