पंतनगर में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारंभ, 560 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र – uttarakhandawaaz.in

पंतनगर में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारंभ, 560 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

देहरादून ,

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ले. ज. गुरमीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों, नवाचार आधारित स्टॉलों तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। मेले में 560 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि यंत्र, जैविक उत्पाद, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, दुग्ध उत्पाद, पुष्प एवं सब्जियों की नई प्रजातियां, ड्रोन तकनीक, सेंसर आधारित कृषि प्रणाली और स्मार्ट कृषि उपकरण प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार मेले में 40 से 50 हजार किसानों के पहुंचने की संभावना है।

तकनीक और नवाचार को खेत तक पहुंचाना जरूरी: राज्यपाल

राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह ने कहा कि 21वीं सदी की कृषि को नई दिशा देने के लिए तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को किसानों के खेत तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए ‘लैब टू लैंड’ की अवधारणा को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब कृषि को ‘फूड सरप्लस’ से आगे बढ़ाकर ‘इनकम सरप्लस’ की दिशा में ले जाने की जरूरत है। उन्होंने उत्तराखंड में हनी क्रांति, अरोमा क्रांति और श्रीअन्न (मिलेट्स) क्रांति की व्यापक संभावनाओं पर भी जोर दिया।

किसानों के खेत तक पहुंचे कृषि अनुसंधान: गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि अनुसंधान का वास्तविक लाभ तभी है, जब वैज्ञानिक तकनीक और शोध किसानों के खेत तक पहुंचे। उन्होंने उत्तराखंड में बागवानी, हाई डेंसिटी एप्पल, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और मोटे अनाज के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने युवाओं को कृषि एवं कृषि उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने खेती के साथ पशुपालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की आवश्यकता बताई।

मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार जैम, जेली, पापड़, अचार, बेकरी उत्पाद और हस्तशिल्प सामग्री भी प्रदर्शित की गई है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कृषि साहित्य का विमोचन किया गया तथा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से चयनित नौ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षक, किसान, विद्यार्थी तथा विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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