श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री हेमकुंट साहिब जी के कपाट बंद, गुरु ग्रंथ साहिब जी को सत्कार सहित सचखंड ले जाया गया – uttarakhandawaaz.in

श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री हेमकुंट साहिब जी के कपाट बंद, गुरु ग्रंथ साहिब जी को सत्कार सहित सचखंड ले जाया गया

हेमकुंट साहिब,

सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंट साहिब जी के पावन कपाट शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में बंद कर दिए गए। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अंतिम अरदास के पश्चात श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों के बीच सम्मानपूर्वक शोभायात्रा के साथ उनके शीतकालीन निवास सचखंड ले जाया गया।

समारोह का शुभारंभ सुखमनी साहिब के पाठ से हुआ। इसके बाद श्री दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी सिंह गुरदियाल सिंह एवं उनके जत्थे ने शबद कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन सरदार नरिंदरजीत सिंह बिंद्रा ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, भारतीय सेना, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों की सराहना की, जिन्होंने पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न गुरुद्वारों के सेवादारों के समर्पण और परिश्रम की भी प्रशंसा की। साथ ही बताया कि अब रतूड़ा गुरुद्वारा भी संगत के लिए खुल गया है।

ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदार सेवा सिंह ने सभी गुरुद्वारों में संगत की ओर से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के अनुशासन और सहयोग से यात्रा की व्यवस्थाओं का संचालन सुचारु रूप से संभव हो सका।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शोभायात्रा का नेतृत्व गढ़वाल स्काउट्स बैंड तथा 418 इंडिपेंडेंट इंजीनियर कोर के जवानों ने किया। भारतीय सेना के जवानों ने समारोह के दौरान भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाली।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

इस वर्ष श्री हेमकुंट साहिब जी के दर्शन के लिए विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचे। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर और दुबई सहित कई देशों के श्रद्धालु शामिल रहे। समारोह का विशेष आकर्षण पाकिस्तान से आए 48 तीर्थयात्रियों का जत्था रहा, जिसने पवित्र स्थल के दर्शन किए और कपाट बंद होने के समारोह में भाग लिया।

पिछले दिन से हल्की बर्फबारी शुरू होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं आई। प्रतिकूल मौसम के बीच शनिवार को लगभग 5,000 श्रद्धालु श्री हेमकुंट साहिब जी पहुंचे और मत्था टेककर सुख-समृद्धि की अरदास की।

श्री हेमकुंट साहिब जी की यात्रा अब शीतकाल के लिए स्थगित रहेगी। श्रद्धालुओं को अगले वर्ष ग्रीष्मकाल 2027 में यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार रहेगा।

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