हरिद्वार,
आगामी कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों को गति देते हुए उत्तराखण्ड सरकार ने हरिद्वार में महत्वपूर्ण अवस्थापना परियोजनाओं को मंजूरी दी है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए नए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीआर-2) के निर्माण के साथ ही दो नए पुलों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में हरिद्वार दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन में इन परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि कुम्भ मेला 2027 के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
कुम्भ मेला प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए 50.27 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सीसीआर-2 भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए पहली किस्त के रूप में 20.11 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह नया कंट्रोल सेंटर आधुनिक तकनीकों से लैस होगा और मेला क्षेत्र की निगरानी एवं नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएगा। भवन की छत पर हेलीपैड भी बनाया जाएगा, जिससे आपात स्थिति में रेस्क्यू और भीड़ प्रबंधन कार्यों में मदद मिलेगी।
इसके अलावा खड़खड़ी श्मशान घाट मार्ग पर सूखी नदी पर 44.80 मीटर लंबा डबल लेन पुल बनाया जाएगा, जिसकी लागत 13.21 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 5.28 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह पुल बरसात के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में सहायक होगा।
वहीं मायापुर स्कैप चैनल पर दक्षद्वीप और बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए 60 मीटर स्पान का डबल लेन स्टील पुल भी बनाया जाएगा। 12.46 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए 4.98 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। इससे पार्किंग और मेला क्षेत्र के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी और भीड़ प्रबंधन में सुधार होगा।
मेला अधिकारी सोनिका ने इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी, सुरक्षा परीक्षण और लोड टेस्टिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कुम्भ मेला 2027 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम सुविधाएं मिल सकें।