पीएम राहत और नेक राहवीर योजना पर देहरादून में संगोष्ठी, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज – uttarakhandawaaz.in

पीएम राहत और नेक राहवीर योजना पर देहरादून में संगोष्ठी, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज

कैबिनेट मंत्री खजानदास बोले—योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय और जनसहभागिता जरूरी

देहरादून ,

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को आईआरडीटी सभागार, देहरादून में पीएम राहत योजना एवं नेक राहवीर योजना पर अंतर्विभागीय समन्वय और हितधारकों की संगोष्ठी आयोजित की गई। जिला सड़क सुरक्षा समिति और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, निजी चिकित्सालयों और सामाजिक संगठनों के लगभग 300 प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री खजानदास और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में योजनाओं के प्रावधानों, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के उपचार, पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभागीय समन्वय और जनसहभागिता पर जोर

कैबिनेट मंत्री खजानदास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम राहत योजना आपातकालीन सहायता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ जनजागरूकता और जनसहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने निजी चिकित्सालयों और आम नागरिकों से इन योजनाओं से सक्रिय रूप से जुड़ने तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने की अपील की।

80 अस्पताल पोर्टल पर पंजीकृत, 130 से अधिक अस्पतालों को जोड़ने की तैयारी

कार्यक्रम के दौरान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से पीएम राहत योजना के अंतर्गत अस्पतालों के सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। जानकारी दी गई कि जनपद के 80 सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सालय अब तक पोर्टल पर सूचीबद्ध हो चुके हैं।

संगोष्ठी में उपस्थित 130 से अधिक अन्य चिकित्सालयों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर योजना से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग इन चिकित्सालयों की निगरानी भी करेगा, ताकि योजना का लाभ पात्र दुर्घटना पीड़ितों तक पहुंच सके।

परिवहन विभाग ने भी पीएम राहत और नेक राहवीर योजना के विभिन्न प्रावधानों, लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा संबंधित विभागों और चिकित्सालयों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार

संगोष्ठी में बताया गया कि पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह सुविधा सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए निर्धारित योजना के नियमों के अनुसार लागू होगी। आपात स्थिति में सहायता के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

इसके साथ ही नेक राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नागरिकों को ₹25,000 का पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि दुर्घटना के समय घायलों की मदद के लिए आगे आएं और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएं।

योजना के प्रचार-प्रसार के लिए होगी नियमित मॉनिटरिंग

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि पीएम राहत और नेक राहवीर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जनता को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों और संबंधित संस्थानों से योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा जरूरतमंद दुर्घटना पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, चिकित्सा स्वास्थ्य निदेशक खड़क सिंह दाताल, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा, संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनिता चमोला, अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार, उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक अनिल गर्ब्याल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, चिकित्सा, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, परिवहन निगम, परिवहन यूनियनों और सिविल डिफेंस, वेस्ट वारियर तथा पहाड़ी पैडलर्स जैसे सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने सभी विभागों, अधिकारियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

संगोष्ठी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में समय पर उपचार, विभागों के बीच प्रभावी समन्वय और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *