मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने संभाली निगरानी की कमान, सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें अभियान में जुटीं
देहरादून ,
बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड आ रहा ट्रांस भारत कंपनी का सिविल हेलीकॉप्टर चमोली जिले के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने और सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हेलीकॉप्टर में पांच यात्रियों और एक पायलट सहित कुल छह लोग सवार बताए गए हैं। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, सेना की सिग्नल सेंटर टीम ने संबंधित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते हुए और उसे तेजी से नीचे की ओर जाते देखा था। इसके बाद जिला प्रशासन चमोली को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं।
मुख्यमंत्री धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से दूरभाष पर घटना की जानकारी ली और बचाव अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की तलाश और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए सभी संबंधित विभागों और बचाव एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तत्परता से काम करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगोली और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान की नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य सचिव ने भी सभी संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शुक्रवार अपराह्न करीब दो बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली से हेलीकॉप्टर के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद राज्य और जिला स्तर पर सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया। घटनास्थल तक पहुंचने और हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की तलाश के लिए जमीनी और हवाई दोनों माध्यमों से अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के एक रेकी हेलीकॉप्टर और एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल की हवाई रेकी कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अन्य टीम भी रवाना की गई है। सभी बचाव एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान में जुटी हैं।
अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया
संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा है। एम्स ऋषिकेश, बेस अस्पताल श्रीनगर और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा दलों, एंबुलेंस और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बचाव अभियान में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घटनास्थल तक शीघ्र पहुंचकर हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोगों की स्थिति का पता लगाना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
