देहरादून ,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की सड़कों पर लगातार हो रही खुदाई को लेकर किए गए चर्चित तंज की पंक्ति—“यहां भी खुदा है, वहां भी खुदा है, जहां नहीं खुदा है वहां कल खुदेगा”—इन दिनों देहरादून की सड़कों की स्थिति पर भी सटीक बैठती नजर आ रही है। शहर में पेयजल, सीवर, विद्युत, दूरसंचार, गैस और सड़क निर्माण सहित विभिन्न कार्यों के लिए लगातार हो रही सड़क कटिंग और खुदाई से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में जगह-जगह खुदाई के कारण यातायात प्रभावित होने और खुले गड्ढों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्थाओं, निर्माण इकाइयों और ठेकेदारों को सड़क कटिंग एवं खुदाई के दौरान निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क कटिंग से पहले लगाना होगा सूचना बोर्ड
नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सड़क कटिंग अथवा खुदाई के दौरान मौके पर संबंधित विभाग या कार्यदायी संस्था की जानकारी, कार्य की अवधि और संपर्क अधिकारी का विवरण प्रदर्शित नहीं किया जाता। इससे स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को कार्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में परेशानी होती है और यातायात एवं आमजन के आवागमन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क कटिंग या खुदाई शुरू करने से पहले मौके पर स्पष्ट और बड़े आकार का सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। बोर्ड पर संबंधित विभाग या संस्था का नाम, कार्य का विवरण, परियोजना अथवा स्वीकृति की जानकारी, कार्य प्रारंभ होने की तिथि, निर्धारित पूर्णता तिथि तथा संबंधित अधिकारी और ठेकेदार अथवा संस्था के प्रतिनिधि का नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। आवश्यकता के अनुसार सड़क पुनर्स्थापना की संभावित तिथि भी बोर्ड पर अंकित करनी होगी।
खुले गड्ढे नहीं छोड़ने के निर्देश
नगर आयुक्त ने सड़क कटिंग और खुदाई वाले स्थानों पर आमजन एवं वाहन चालकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए कार्यस्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, सुरक्षा चिन्ह और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने होंगे।
उन्होंने कहा कि खुदाई वाले स्थानों को खुला नहीं छोड़ा जाएगा और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि सड़क कटिंग के कारण यातायात प्रभावित होता है तो संबंधित विभाग या कार्यदायी संस्था को आवश्यक वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी करनी होगी।
नगर निगम के इन निर्देशों का उद्देश्य शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों के दौरान जनसुरक्षा, पारदर्शिता और सड़कों की समयबद्ध पुनर्स्थापना सुनिश्चित करना है।