नरेश बंसल का कार्यकाल नवंबर में होगा पूरा, संभावित नामों के पैनल को लेकर चर्चाएं तेज
देहरादून ,
उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट रिक्त होने से पहले भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है। मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा होना है। भाजपा के प्रदेश स्तर पर संभावित नामों को लेकर चर्चा और पैनल तैयार किए जाने की खबरों के बीच सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि इस बार राज्यसभा के लिए कुमाऊं क्षेत्र से किसी चेहरे को मौका मिलता है या नहीं।
राज्यसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में नरेश बंसल और महेंद्र भट्ट उत्तराखंड से सदस्य के रूप में दर्ज हैं।
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा
उत्तराखंड की राजनीति में राज्यसभा सीट के लिए गढ़वाल और कुमाऊं के क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी चर्चा में है। कुमाऊं क्षेत्र से राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर भाजपा के भीतर संभावित नामों पर मंथन की बात सामने आ रही है।
हालांकि, प्रत्याशी चयन में केवल क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व ही एकमात्र आधार होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संगठनात्मक भूमिका, सामाजिक प्रतिनिधित्व और पार्टी की अन्य प्राथमिकताओं सहित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम होगा फैसला
राज्यसभा की इस सीट पर चयन ऐसे समय हो रहा है जब उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रत्याशी चयन को लेकर क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ संगठनात्मक समीकरण भी चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।
भाजपा के प्रदेश स्तर पर संभावित नामों का पैनल तैयार किए जाने के बाद अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाना है। फिलहाल पार्टी की ओर से प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कुमाऊं से कई नामों पर चर्चा
कुमाऊं क्षेत्र से भाजपा के कई नेताओं के नाम राजनीतिक चर्चाओं में सामने आते रहे हैं। वहीं, गढ़वाल क्षेत्र से भी पार्टी के पास अनुभवी और संगठन में सक्रिय नेताओं की मौजूदगी है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रत्याशी चयन को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस बीच चुनाव कार्यक्रम और नामांकन की तिथियों को लेकर आधिकारिक निर्वाचन कार्यक्रम को ही अंतिम आधार माना जाएगा। निर्वाचन संबंधी कार्यक्रमों की पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक सूचनाएं महत्वपूर्ण हैं।
फिलहाल राज्यसभा की इस सीट को लेकर सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के इर्द-गिर्द है—क्या भाजपा कुमाऊं से नया प्रतिनिधित्व देती है या किसी अन्य क्षेत्रीय एवं संगठनात्मक समीकरण को प्राथमिकता देती है। अंतिम तस्वीर पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।
