नई व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से लागू, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को संविधान में संशोधन के निर्देश
देहरादून ,
उत्तराखंड के राजकीय विश्वविद्यालयों एवं उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में होने वाले छात्रसंघ चुनावों में अब छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। शासन ने इस संबंध में सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को छात्रसंघ प्रतिनिधित्व व्यवस्था में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही लागू किया जाएगा।
सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को छात्रसंघ संविधान में छात्र प्रतिनिधित्व के मौजूदा ढांचे में संशोधन कर छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने को कहा गया है। शासन के अनुसार राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में 66 प्रतिशत से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। छात्राओं की संख्या और उनकी बढ़ती सहभागिता को देखते हुए छात्रसंघों में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का निर्णय लिया गया है।
महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की पहल
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पंचायतीराज एवं सहकारिता के बाद अब उच्च शिक्षण संस्थानों में भी महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया गया है। छात्रसंघों में 50 प्रतिशत पद छात्राओं के लिए आरक्षित किए जाने से उन्हें नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
शासन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रसंघ प्रतिनिधित्व व्यवस्था में आवश्यक संशोधन और पदों का वर्गीकरण किया जाएगा। इसके बाद इसी शैक्षणिक सत्र में नई आरक्षण व्यवस्था के तहत छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने भी 2026-27 के छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है और उसके परिसरों व संबद्ध महाविद्यालयों में चुनाव 29 सितंबर को निर्धारित किए गए हैं।
