भूमिगत कार्यों को लेकर डीएम सख्त, रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक ही मिलेगी सशर्त अनुमति

देहरादून ,

जनपद में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम जनता की सुविधाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे भूमिगत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू सहित 14 विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। उच्च प्राथमिकता वाले कुछ कार्यों को रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्य शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्रों में पूर्व सूचना दी जाए और पर्याप्त मशीनरी व मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

मानसून को देखते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि जिन सड़कों का सुधार कार्य पूरा हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक में ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के पास सीवर चैंबर निर्माण और ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन कार्य की अनुमति दिसंबर माह से लंबित रखने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

डीएम ने सभी विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सक्षम अधिकारियों का औपचारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए, जिससे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित संवाद सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने चेतावनी दी कि अनुमति मिलने के बाद भी समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही आरसी काटने और आर्थिक दंड जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी सिविल कार्य के दौरान दूसरे विभाग की परिसंपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो संबंधित एजेंसी तत्काल समन्वय कर उसकी मरम्मत कराए। सभी निर्माण एजेंसियां पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करें।

मानकों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई

डीएम ने स्पष्ट कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, अधूरी खुदाई छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाए जाएं, ताकि आमजन की सुरक्षा बनी रहे।

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