देहरादून ,
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव आनंद बर्धन के दिशा-निर्देश पर सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की व्यापक योजना पर काम कर रही है।
इस पहल का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को बेहतर आवास देना है, बल्कि सरकारी आवासीय परिसंपत्तियों का व्यवस्थित रखरखाव और विस्तार भी सुनिश्चित करना है। लंबे समय से जर्जर हो चुके सरकारी क्वार्टरों की पहचान कर उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
जर्जर आवासों की पहचान और नए निर्माण की योजना
सरकार ने सभी जिलों में पुराने और जर्जर आवासों का सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया है। अत्यधिक खराब स्थिति वाले भवनों को हटाकर उनकी जगह नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे। साथ ही जहां भी सरकारी भूमि उपलब्ध है, वहां नए आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा।
निगरानी के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो भूमि, जर्जर भवनों और निर्माण संभावनाओं का त्वरित सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
रेसकोर्स क्षेत्र में बनेंगे नए आवास
देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में जर्जर भवनों को हटाकर:
- श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाए जाएंगे
- श्रेणी-4 के 10 नए आवासों का भी प्रस्ताव रखा गया है
इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जिसे स्वीकृति देने पर सहमति बन गई है।
आवासीय ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप
इन योजनाओं के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को बेहतर और सुरक्षित आवास मिलेंगे, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में तेजी से कार्य किया जा रहा है और जहां भी जमीन उपलब्ध होगी, वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवास बनाए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
