देहरादून ,
देहरादून में मंगलवार को डॉ. वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें गढ़वाल और कुमाऊं रेंज के आईजी, जनपद प्रभारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में भूमि धोखाधड़ी, सत्यापन अभियान, गुमशुदगी मामलों और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की गई। एडीजी ने निर्देश दिए कि सत्यापन अभियान में तेजी लाई जाए और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 15 फरवरी 2026 से चल रहे अभियान के तहत अब तक 1,22,411 सत्यापन किए जा चुके हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई कुख्यात अपराधी बाहरी राज्यों से भागकर उत्तराखंड में शरण न ले रहा हो। इसके लिए विभिन्न आपराधिक पोर्टलों की मदद लेने के निर्देश दिए गए।
भूमि संबंधी धोखाधड़ी मामलों पर एडीजी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में राजपत्रित अधिकारी की जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई हो। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि दीवानी प्रकृति के मामलों में पुलिस अनावश्यक हस्तक्षेप न करे। गढ़वाल और कुमाऊं रेंज के आईजी को इन मामलों की कड़ी निगरानी रखने को कहा गया।
गुमशुदगी मामलों, विशेषकर नाबालिगों के मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाए और रिकवरी रेट बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनपद प्रभारियों को हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए एडीजी ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही विदेश में रह रहे आरोपियों के खिलाफ एलओसी और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और अपने-अपने जनपदों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।