रूड़की ,
रूड़की के भगवानपुर के औधोगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करते समय एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा होने के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में फैक्ट्री के कुछ अधिकारीयों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही मृतक कर्मचारी के शव को सिविल अस्पताल भिजवा दिया, जहां पर अस्पताल के चिकित्सकों ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया दिया। वहीं मोर्चरी के बाहर मृतक कर्मचारी की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि इससे पहले भी इस फैक्ट्री में काम करने वाले कई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक भगवानपुर थाना क्षेत्र के रायपुर में सुंदरम प्लाईवुड नाम की एक फैक्ट्री में लक्ष्मण उर्फ अजय (23 वर्ष) पुत्र मन्नू निवासी नारायणगढ़ जिला बलिया थाना रेवती बिहार, कर्मचारी के पद पर तैनात था। लक्षमण करीब एक साल से इस फैक्ट्री में काम कर रहा था। बताया गया कि इस फैक्ट्री में प्लाई और प्लाई बोर्ड बनाया जाता है। रविवार की सुबह करीब 6 बजे लक्षमण फैक्ट्री में फेस रूला मशीन पर काम कर रहा था, इसी दौरान मशीन में अचानक करंट आ गया और लक्षमण करंट की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा होने के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों ने लक्षमण को रूड़की के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया, जहां पर अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने उसके शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। बेटे की मौत की खबर सुनकर मृतक लक्षमण की मां भी अस्पताल पहुंची, जहां पर उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं सूचना मिलने के बाद फैक्ट्री के कुछ अधिकारी अस्पताल पहुंचे हैं। बताया गया कि इससे पूर्व भी इस फैक्ट्री में काम करने वाले कई कर्मचारियों की फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के चलते मौत हो चुकी हैं। उधर, मृतक लक्ष्मण की मां शुभावती ने फैक्ट्री प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय से उनके बेटे को इलाज मिल जाता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधक की लापरवाही से उनके बेटे की मौत हुई है। मृतक लक्षमण की मां ने बताया कि उनके पति बहुत ज्यादा बीमार हैं और पिता के इलाज के उनका बेटा पैसे इकट्ठा कर रहा था, जिससे उसके पिता का इलाज कराया जा सके। लक्षमण की मां ने फैक्ट्री प्रबंधक से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। वहीं, मृतक लक्ष्मण के साथ फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी कल्लू ने बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए न तो हेलमेट की सुविधा है और न ही अन्य कोई सेफ्टी पॉइंट का सामान है। कल्लू ने बताया कि इस फैक्ट्री में इससे पहले भी करीब 6 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर भगवानपुर थानाध्यक्ष रमेश तनवार ने बताया कि अभी इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है, अगर मामले में तहरीर मिलती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।