देहरादून,
जनता की शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह संदेश शनिवार को जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में सीएम हेल्पलाइन समीक्षा बैठक के दौरान साफ शब्दों में दिया।
डीएम ने कहा—
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“सीएम हेल्पलाइन मायने मेरी, हम सब अफसरों और विभागों की हेल्पलाइन है। व्यथित, व्याकुल, परेशान जनमन ही हेल्पलाइन की ओर रुख करता है। ऐसे में सभी विभागों को संवेदनशील रहना होगा।”
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शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण ही समाधान है।
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लंबित शिकायतों का दो दिन में निस्तारण अनिवार्य है।
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जो शिकायतें बार-बार आ रही हैं, उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में डीएम ने विभागवार पेंडिंग केस खुलवाकर समीक्षा की और चेतावनी दी कि यदि कोई शिकायत समय पर नहीं सुलझाई गई तो जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की तय होगी।
सबसे अधिक लंबित शिकायतें
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पुलिस विभाग – 368
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यूपीसीएल – 361 + 242
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जल संस्थान – 276 + 203
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नगर निगम – 358
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लोनिवि – 252 + 272
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एमडीडीए – 177
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पेयजल निगम – 88
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राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण – 50
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यूटीयू – 35
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यूयूएसडीए – 29
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सिंचाई – 29
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नगर पालिका – 20
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जिला पंचायत – 18
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड – 15
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प्राथमिक शिक्षा – 14
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भूलेख – 13
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वन विभाग – 12
जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए और कहा कि हर माह प्रगति की समीक्षा की जाएगी।