हरिद्वार के तीन मदरसों में मिड डे मील घोटाला, केजीएन मदरसे समेत प्रबंधकों पर मुकदमा दर्ज – uttarakhandawaaz.in

हरिद्वार के तीन मदरसों में मिड डे मील घोटाला, केजीएन मदरसे समेत प्रबंधकों पर मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत पर खुली परतें

हरिद्वार ,

हरिद्वार जिले के तीन मदरसों में मिड डे मील सहायता राशि में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जसोद्दरपुर के ख्वाजा गरीब नवाज (KGN) मदरसे, नगला खुर्द के दारुल उलूम असगरीया मदरसे और मोहम्मदपुर कन्हारी स्थित रशीदिया मदरसे के संचालकों और प्राचार्यों के खिलाफ लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।


🔍 क्या है मामला:

मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली एक शिकायत के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि:

  • मदरसों ने बच्चों की संख्या में हेराफेरी की।

  • फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के आधार पर सरकारी सहायता ली गई।

  • मिड डे मील योजना में लाखों रुपये का गबन किया गया।


🧾 जांच में क्या पाया गया:

डीएम हरिद्वार के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौर को जांच सौंपी गई थी।
जांच में पुष्टि हुई कि तीनों मदरसों ने:

  • सरकारी योजना का दुरुपयोग किया।

  • बच्चों के नाम पर खाना नहीं बांटा, बल्कि सहायता राशि खुद हड़प ली।


⚖️ अब तक की कार्रवाई:

  • तीनों मदरसों के प्रबंधकों और प्राचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।

  • मिड डे मील घोटाले को लेकर थाना लक्सर कोतवाली में मामला पंजीकृत।

  • अन्य मदरसों की भी जांच की तैयारी।


🗣️ क्या बोले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव:

डॉ. पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, उत्तराखंड:

“जांच में मिड डे मील में गड़बड़ी सामने आई है, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कुछ और मदरसों की भी शिकायतें मिली हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।”


📌 प्रमुख सवाल जो उठे हैं:

  1. बच्चों को दिए जाने वाले भोजन का लेखा-जोखा कहां है?

  2. फर्जी आधार कार्ड कैसे स्वीकृत हुए?

  3. इस घोटाले में अंदरूनी प्रशासनिक मिलीभगत की संभावना?

  4. अब तक की सरकारी निगरानी प्रणाली क्यों विफल रही?


🚨 संकेत हैं कि:

  • यह केवल तीन मदरसों तक सीमित नहीं, एक बड़े पैमाने का नेटवर्क हो सकता है।

  • आने वाले दिनों में और एफआईआर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

  • सरकार की ओर से मदरसा फंडिंग और स्कॉलरशिप सिस्टम की व्यापक समीक्षा संभव है

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