पर्यटन, पर्यावरण और मातृत्व के प्रति सम्मान का भावपूर्ण संगम
देहरादून,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कार्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी का अनुभव लेते हुए राज्य की जैव विविधता और वन्यजीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक नई ऊंचाई दी। जंगल सफारी के दौरान उन्होंने वन्यजीवों की अद्भुत झलकियों को देखा और इसे “प्रकृति की अनमोल विरासत से जुड़ने का अवसर” बताया।
🌿 ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की अनूठी पहल:
मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 1000 से अधिक पौधों का सामूहिक रोपण किया।
उन्होंने कहा:
“यह केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि मातृत्व और प्रकृति के प्रति आदर का प्रतीक है। हर पौधा हमारी भावनाओं की जड़ है।”
इस महाभियान में वन विभाग, स्थानीय समुदाय और पर्यावरण प्रेमियों ने मिलकर सहभागिता की। यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का माध्यम भी बन रही है।
🐘 पर्यटन को मिल रही नई पहचान:
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल सफारी पर्यटन को राज्य सरकार के प्रयासों से एक नई पहचान मिली है।
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देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
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स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के अवसर बढ़े हैं।
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राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नया बल मिला है।
🌲 वन विभाग की सराहना:
सीएम धामी ने कार्बेट क्षेत्र की वन विभाग टीम से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की।
“वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में आपका समर्पण उत्तराखंड की जैव विविधता की रीढ़ है। राज्य सरकार आपके साथ है।”
📌 मुख्य बिंदु:
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📍 स्थान: कार्बेट नेशनल पार्क
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🌿 अभियान: ‘एक पेड़ माँ के नाम’
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🌱 पौधारोपण: 1000+
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🐅 उद्देश्य: जैव विविधता, मातृत्व और पर्यावरण संरक्षण
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💬 मुख्यमंत्री का संदेश: “प्रकृति को बचाना हमारी पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा है।”
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री धामी की यह यात्रा केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानवीय संवेदनाओं के प्रति उत्तराखंड की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गई है।