चारधाम यात्रा पर मानसून की मार: केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए हेली सेवा बंद

देहरादून,

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता और हाल ही में हुई हेली दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए चल रही हेलीकॉप्टर सेवाएं 22 जून से अस्थायी रूप से बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। अब यात्री इन पवित्र स्थलों की यात्रा सिर्फ पैदल मार्ग से ही कर सकेंगे।

🚁 हेली सेवा पर लगी अस्थायी रोक

इस वर्ष चारधाम यात्रा में तीन अलग-अलग हेलीकॉप्टर हादसों ने चिंता बढ़ा दी थी, जिनमें 13 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो चुकी है। हाल ही में गौरीकुंड में हुए एक दुर्घटना के बाद हेली सेवाएं कुछ समय के लिए रोकी गई थीं, जिन्हें 17 जून को पुनः शुरू किया गया, लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ानें संभव नहीं हो सकीं। अब मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने 22 जून से सभी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है।

📉 हजारों टिकट रद्द, कंपनियों को भारी नुकसान

हेली सेवाओं की अचानक बंदी से श्रद्धालुओं को असुविधा तो हुई ही है, अब तक 5500 से अधिक टिकट रद्द किए जा चुके हैं। इस वर्ष 39,247 श्रद्धालु हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ तक पहुंच चुके थे।
इस बार 8 हेली कंपनियों को संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन हादसों और मौसम की मार के कारण एविएशन कंपनियों को करोड़ों का घाटा झेलना पड़ा है।

🛰️ सख्त निगरानी, सहस्त्रधारा में कंट्रोल रूम

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) हेली सेवाओं पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड पर एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी उड़ानों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। लेकिन मानसून की जोखिम को देखते हुए, फिलहाल उड़ानों पर पूर्ण विराम लगा दिया गया है।

🔁 सेवाएं 15 सितंबर से बहाल होने की संभावना

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मानसून सीजन समाप्त होने के बाद 15 सितंबर से हेली सेवाएं पुनः शुरू की जा सकती हैं, यदि मौसम और सुरक्षा स्थितियाँ अनुकूल रहीं।


निष्कर्ष:
चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा थीं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं और तकनीकी जोखिमों के चलते इन पर रोक आवश्यक बन गई। अब श्रद्धालुओं को केवल पैदल मार्ग से दर्शन करने होंगे। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, और यही निर्णय का आधार बना है।

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