देहरादून ,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विकासात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, शहरी विकास और आवास क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर केंद्र सरकार से नीतिगत और वित्तीय सहयोग की अपील की।
🔌 ऊर्जा क्षेत्र में मुख्यमंत्री की प्रमुख मांगें:
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ऋषिकेश-हरिद्वार क्षेत्र में विद्युत लाइनों को भूमिगत और स्वचालित करने का अनुरोध।
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कुमाऊं व अपर यमुना क्षेत्र में जल-विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए ₹4000 करोड़ के वायबिलिटी गैप फंड (VGF) की मांग।
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पंप स्टोरेज परियोजनाओं के लिए ₹3800 करोड़ की VGF सहायता — विशेष रूप से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में।
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पिटकुल की दो परियोजनाओं की DPR को मंजूरी और ₹1007.82 करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं को 100% अनुदान देने का अनुरोध।
🏘️ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पर विशेष आग्रह:
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निजी भूमि आधारित परियोजनाओं में भी 40:40:20 चरणबद्ध सहायता प्रणाली को लागू करने का सुझाव।
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कैश फ्लो की समस्या का जिक्र करते हुए एकमुश्त अनुदान की जगह धारावाहिक सहायता की मांग।
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ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थियों को बैंकों व NBFC से आसान ऋण उपलब्धता के लिए वित्तीय संस्थानों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की अपील।
🚆 परिवहन और कनेक्टिविटी के लिए सुझाव:
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आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीपुरम–मेरठ मार्ग से हरिद्वार तक विस्तारित करने का अनुरोध।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विस्तार राज्य के शहरीकरण, पर्यटन, और आर्थिक विकास में सहायक होगा।
🗣️ मुख्यमंत्री का वक्तव्य:
“उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए केंद्रीय सहायता और लचीली नीतियां अत्यंत आवश्यक हैं। ऊर्जा एवं आवास क्षेत्र में जो भी पहल की जा रही है, उनका उद्देश्य स्थानीय विकास के साथ-साथ टिकाऊ भविष्य निर्माण करना है।”
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड