प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम धामी से की बात, केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसे पर लिया पूरा अपडेट – uttarakhandawaaz.in

प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम धामी से की बात, केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसे पर लिया पूरा अपडेट

देहरादून,

उत्तराखंड के केदारनाथ मार्ग पर हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से साइप्रस से फोन पर बातचीत कर हादसे की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत यात्रियों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि हादसे के तुरंत बाद उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें आवश्यक निर्देश जारी किए गए। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के गंभीर कारणों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है।


हादसे पर केंद्र और राज्य की बड़ी घोषणाएं:

  • कमांड एंड को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना देहरादून में की जाएगी, जिसमें DGCA, आपदा प्रबंधन, सिविल एविएशन, UCADA और हेली ऑपरेटर कंपनियों के प्रतिनिधि तैनात रहेंगे।

  • सोमवार तक चारधाम हेली सेवाएं स्थगित रहेंगी।

  • सभी हेली ऑपरेटरों और पायलटों के उच्च हिमालय उड़ान अनुभवों की समीक्षा की जाएगी।

  • हादसे में लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।


गृह मंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी की बात:

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी मुख्यमंत्री धामी से बातचीत कर हादसे की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।


राज्यपाल ने जताया शोक:

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।


सीएम धामी का सख्त संदेश:

“लापरवाही किसी भी स्तर पर हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और हेली सेवाओं के संचालन में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड


आगे की कार्यवाही:

  • हेली सेवाओं की पुनः समीक्षा और ऑपरेटरों के साथ बैठक के बाद ही सेवाएं बहाल की जाएंगी।

  • यह हादसा चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

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