हर काम देश के नाम” के संकल्प के साथ 451 ऑफिसर कैडेट्स ने IMA से ली विदाई
देहरादून ,
भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में शनिवार को 156वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक परेड की समीक्षा श्रीलंका सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल लासांथा रोड्रिगो ने की। भावनाओं से भरे उनके भाषण और कैडेट्स की गरिमामयी प्रस्तुति ने परेड को ऐतिहासिक बना दिया।
👨✈️ 451 ऑफिसर कैडेट्स हुए पास आउट
परेड में 156वें नियमित कोर्स, 45वीं तकनीकी प्रवेश योजना (TES), 139वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम, और SCO-54 के कैडेट्स सहित 9 मित्र राष्ट्रों के 32 विदेशी कैडेट्स ने भाग लिया।
🌍 भारत-श्रीलंका सैन्य संबंधों का प्रतीक
ले. जनरल रोड्रिगो IMA के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने कहा –
“परेड की समीक्षा करना मेरे लिए गर्व की बात है, क्योंकि मेरी सैन्य यात्रा की शुरुआत भी इसी अकादमी से हुई थी।”
🔑 प्रेरणादायक संदेश: वर्दी एक जीवनशैली है
उन्होंने कैडेट्स से कहा कि एक अधिकारी का सम्मान उसके आचरण, निर्णय और चरित्र से तय होता है, न कि सिर्फ उसकी रैंक से।
IMA के आदर्श वाक्य को दोहराते हुए उन्होंने राष्ट्र, सैनिक और शहीद परिवार के प्रति समर्पण की बात कही।
🏆 प्रमुख पुरस्कार विजेता:
| पुरस्कार | विजेता |
|---|---|
| 🗡️ स्वॉर्ड ऑफ ऑनर | अकादमी कैडेट एडजुटेंट अन्नी नेहरा |
| 🥇 गोल्ड मेडल (1st मेरिट) | एकेडमी अंडर ऑफिसर रोनित रंजन नायक |
| 🥈 सिल्वर मेडल (2nd मेरिट) | अन्नी नेहरा |
| 🥉 ब्रॉन्ज मेडल (3rd मेरिट) | बटालियन अंडर ऑफिसर अनुराग वर्मा |
| 🛡️ टेक्निकल ग्रेजुएट टॉपर | सार्जेंट आकाश भदौरिया |
| ⚙️ TES-45 टॉपर | विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर कपिल |
| 🌐 विदेशी कैडेट टॉपर | ऑफिसर कैडेट निशान बलामी (नेपाल) |
| 🎖️ COAS बैनर | केरन कंपनी (स्प्रिंग टर्म 2025 में सर्वोत्तम प्रदर्शन) |
🎺 परेड की शान
परेड में कैडेट्स ने “सारे जहाँ से अच्छा” और “कदम-कदम बढ़ाए जा” जैसे प्रेरणात्मक सैन्य धुनों पर परेड करते हुए अद्वितीय समन्वय, अनुशासन और साहस का प्रदर्शन किया। यह दृश्य IMA के गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय बन गया।
🔚 समापन संदेश: ‘सच्चे बनो, ईमानदार बनो, निर्भीक बनो’
अपने संबोधन के अंत में जनरल रोड्रिगो ने कैडेट्स से कहा –
“आप अब जीवन भर चलने वाले सैन्य बंधुत्व का हिस्सा बन चुके हैं।”
उन्होंने फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के शब्दों से प्रेरित करते हुए परेड का समापन किया।
यह परेड केवल सैन्य अनुशासन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय सैन्य परंपरा, भाईचारे और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पण का प्रतीक बन गई।