देहरादून ,
देहरादून जिले को आपदा और आपातकालीन स्थितियों से सतर्क करने हेतु आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरनों से सुसज्जित किया जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर शनिवार को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में इन सायरनों का सफल परीक्षण किया गया।
🔊 अब 16 KM तक गूंजेगी चेतावनी की आवाज
प्रथम चरण में जिले के घनी आबादी वाले 15 स्थानों — विशेष रूप से पुलिस थाना और चौकियों — पर 8 किलोमीटर और 16 किलोमीटर की रेंज वाले 15 सायरन लगाए जा रहे हैं।
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6 सायरन होंगे 16 किमी रेंज के
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9 सायरन होंगे 8 किमी रेंज के
इन सभी का नियंत्रण थाना, चौकियों और जिला आपात परिचालन केंद्र से किया जाएगा।
🛡️ सिर्फ सायरन नहीं, जल्द आएगा ‘रेपिड कम्युनिकेशन सिस्टम’
दूसरे चरण में जिले के ऋषिकेश, विकासनगर और चकराता जैसे क्षेत्रों में भी यह प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही, डीएम सविन बंसल द्वारा आर्मी, पैरामिलिट्री, एयरपोर्ट, बड़े अस्पताल और ISBT जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों पर रेपिड कम्युनिकेशन सिस्टम लगाने की भी तैयारी की जा रही है।
इससे युद्ध या हवाई हमले जैसे हालात में सभी रणनीतिक संस्थान आपस में एक साथ संपर्क कर सकेंगे।
🏙️ पुराने सिस्टम को मिली विदाई
1970 के दशक में लगाए गए पुराने सायरनों की सीमित रेंज अब अपर्याप्त थी। बढ़ती आबादी और विस्तृत शहर क्षेत्र को देखते हुए आधुनिक टेक्नोलॉजी वाले नए सायरन सिस्टम को अपनाया गया है।
👨💼 डीएम का स्पष्ट निर्देश
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सायरन ऐसी जगह लगें जहां कोई भौतिक अवरोध न हो।
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सायरनों की आवाज आम नागरिकों तक स्पष्ट रूप से पहुंचे।
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सिविल डिफेंस सिस्टम को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाया जाए।
👥 परीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी
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अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा
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एसडीएम सदर हरिगिरि
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पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल जोशी
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आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ सहित अन्य अधिकारी
देहरादून जिले में आपात स्थितियों से निपटने के लिए यह एक बड़ी तैयारी मानी जा रही है। आधुनिक लांग रेंज सायरन और कम्युनिकेशन सिस्टम आने वाले समय में उत्तराखंड के नागरिकों की सुरक्षा प्रणाली को नए स्तर पर ले जाएंगे।