देहरादून ,
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया में आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी “स्वीकार्य नहीं है”। मंगलवार को देहरादून कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में डीएम ने यह निर्देश संबंधित रजिस्ट्रारों को दिए।
बैठक के मुख्य निर्देश और बिंदु:
🔹 बैकलॉग न रखें: डीएम ने सभी संबंधित पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण में किसी भी प्रकार का बैकलॉग न रखा जाए। अगर मानवीय संसाधन की कमी है तो उसकी मांग तत्काल करें।
🔹 मेडिकल प्रमाणीकरण अनिवार्य: मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को निर्देशित किया गया कि MCCD योजना के अंतर्गत हर मृत्यु का चिकित्सकीय प्रमाणपत्र भरवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश जारी करें।
🔹 CRS पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण:
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सभी निजी चिकित्सालयों और एएनएम उपकेंद्रों को स्थानीय रजिस्ट्रार को जन्म-मृत्यु की सूचनाएँ समय पर उपलब्ध करानी होंगी।
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CRS पोर्टल की इनफॉर्मेट आईडी क्षेत्रीय रजिस्ट्रार द्वारा जारी की जानी अनिवार्य की गई।
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सभी पुरानी अपंजीकृत घटनाओं को भी CRS पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा।
🔹 दोषी इकाइयों पर सख्त कार्रवाई:
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पिछले दो महीनों में नियम विरुद्ध कार्य या खराब प्रदर्शन करने वाली इकाइयों पर अर्थदंड और RBD एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
🔹 सूचनाओं का सार्वजनिक प्रसारण:
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सभी विकासखंड कार्यालयों में ग्राम पंचायतों के स्थानीय रजिस्ट्रार के नाम, पता और मोबाइल नंबर की सूची स्थायी नोटिस बोर्ड और NIC वेबसाइट पर प्रसारित करने के निर्देश।
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निजी चिकित्सालयों में भी ऐसी ही सूची बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाई जाए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
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अभिनव शाह, मुख्य विकास अधिकारी
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हरिगिरि, उप जिलाधिकारी
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डॉ. मनोज कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी
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डॉ. नरेंद्र कुमार, अन्य संबंधित अधिकारी
जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार, “जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे संवेदनशील विषय में जनता को अनावश्यक परेशान करना किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। सुचारु व्यवस्था और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है।”