आचार संहिता उल्लंघनः चुनाव आयोग से विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग – uttarakhandawaaz.in

आचार संहिता उल्लंघनः चुनाव आयोग से विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा बांटे जाने पर सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग का लगाया है आरोप
देहरादून ,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दबाव में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा बांटे जाने पर सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किये जाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करते हुए विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान मुख्य निर्वाचान अधिकारी, उत्तराखण्ड को लिखे शिकायती पत्र में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि वर्तमान में उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग की केदारनाथ विधानसभा में उपचुनाव गतिमान है तथा विधानसभा क्षेत्र में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि ऐसे में चुनाव आचार संहिता के मध्य लोक निर्माण विभाग, रूद्रप्रयाग द्वारा गुप्तकाशी के लोआरा गांव में टैन्ट लगाकर सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा वितरित किया जा रहा है, जो कि आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। इस दौरान करन माहरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार के दबाव में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा गुप्तकाशी के लोआरा गांव में जिलाधिकारी जोकि जिला निर्वाचन अधिकारी भी हैं, के संज्ञान मे लाकर भूमि का मुआबजा बांट कर उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने पर कांग्रेस पार्टी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज करती है। उन्होंने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के नियमों के तहत कार्रवाई की जाये तथा जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को आदर्श चुनाव आचार संहिता के नियमों का सभी विभागों को कड़ाई से पालन करवाये जाने हेतु निर्देशित किया जाये। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इससे पूर्व भी राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा अपने चुनावी भ्रमण के दौरान आंगनवाडी कार्यकत्रियों एवं आशा कार्यकत्रियों पर भाजपा के पक्ष में प्रचार का दबाव बनाया गया परन्तु इस पर कोई कार्रवाई नही हो पाई है। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार द्वारा स्थानीय अधिकारियों पद दबाव डाल कर जिस प्रकार सरकारी योजनाओं के धन का खुले में टैंन्ट लगाकर वितरण किया जा रहा है वह आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।

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