रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की स्मृति में सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं, पैतृक गांवों में स्थापित होंगी आंदोलनकारी शहीदों की प्रतिमाएं – uttarakhandawaaz.in

रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की स्मृति में सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं, पैतृक गांवों में स्थापित होंगी आंदोलनकारी शहीदों की प्रतिमाएं

देहरादून ,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए आंदोलनकारियों के बलिदान को नमन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव अथवा निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर की पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी में विकसित करने और संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की गई।

संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।

27 लाख रुपये की धनराशि जारी

मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बताया कि प्रतिमा स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। साथ ही शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्व. पंडित महावीर शर्मा के योगदान को नमन करते हुए उनकी प्रतिमा स्मारक परिसर में स्थापित किए जाने का उल्लेख किया।

01-02 अक्टूबर 1994 की घटना को बताया पीड़ादायक अध्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 और 02 अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है। पृथक राज्य की मांग को लेकर खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया। उनके संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप उत्तराखंड पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत लाभान्वित आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इन्हें तहसील स्तर पर जारी करने के आदेश दिए गए हैं। आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का गठन किया गया है। राज्य पर्वों और विभिन्न जनपदीय एवं प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को आमंत्रित कर सम्मानित करने के साथ परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क आवागमन की सुविधा भी दी जा रही है।

शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सड़कों और विद्यालयों का नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर रखने के संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं। रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तारीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

उन्होंने रामपुर तिराहा कांड के दौरान आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों को सहयोग और शरण दी, जिसे उत्तराखंड की जनता हमेशा याद रखेगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका को भी अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों ने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए पृथक राज्य आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों का संघर्ष एवं बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके सपनों और भावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राज्य बनाया जाए।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर डॉ. सुधीर सैनी, उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल, संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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