गलती को स्वीकारना ही सच्ची सेवा है, और गुरु की शरण में झुकना ही सच्चा साहस।” – uttarakhandawaaz.in

गलती को स्वीकारना ही सच्ची सेवा है, और गुरु की शरण में झुकना ही सच्चा साहस।”

देहरादून ,

कभी–कभी शब्दों की फिसलन बहुत भारी पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ हमारे कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत जी के साथ भी हुआ।
सिख समुदाय एक महान, वीर, अनुशासित और श्रद्धेय कौम है—जो साहस, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतीक है।

यदि मन, वचन या कर्म से अनजाने में भी कोई त्रुटि हो जाए, तो उसके प्रायश्चित का एक ही पावन मार्ग है—गुरु साहिब की कृपा-दृष्टि में विनम्र होकर शरण लेना।

इसी भावना के साथ, क्योंकि हमारी पार्टी के नेता से भूल हुई है, मैंने निश्चय किया है कि—

दिनांक 8 दिसंबर 2025 (सायं 6 बजे)

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, आढ़त बाज़ार, देहरादून

में संगत के समय जूता सेवा करूँगा।

सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं और गुरु साहिब की चरण-शरण से बड़ा कोई न्याय नहीं।
यही हमारी विनम्रता, यही हमारा कर्तव्य और यही सिख परंपरा के प्रति हमारा सम्मान है।

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