उत्तरकाशी ,
5 अगस्त को धराली में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के घाव अभी ताजा हैं। मलबे के नीचे दबे जीवन, टूटे आशियाने और बिखरे सपनों के बीच लोग जीने को मजबूर हैं।
शुक्रवार शाम जब प्रशासनिक अधिकारी आपदा प्रभावितों को अहेतुक सहायता के रूप में ₹5,000 के चेक देने पहुंचे, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने चेक लेने से इनकार करते हुए कहा कि इतने कम पैसों से जिंदगी पटरी पर नहीं लौट सकती। गुस्साए लोगों ने सरकार, केंद्र और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी की और ठोस पुनर्वास योजना की मांग रखी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राहत कार्यों में अव्यवस्था और उपेक्षा है। एक सप्ताह बाद भी कई परिवार तंबुओं और अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं, जबकि पीने के पानी, भोजन और दवाइयों की कमी बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो भी धराली की खराब स्थिति को उजागर कर रहे हैं।
धराली के लोग अब सिर्फ राहत राशियों से आगे बढ़कर सम्मानजनक पुनर्वास और दीर्घकालिक समाधान की मांग कर रहे हैं, जिसे नज़रअंदाज़ करना सरकार के लिए मुश्किल होगा।
