देहरादून ,
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल-धराली क्षेत्र में हुई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश दौरा तत्काल रद्द करते हुए सीधे देहरादून स्थित आईटी पार्क आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की।
🛑 मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
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130 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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राहत व बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश।
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बिजली और संचार सेवा मंगलवार रात तक पूरी तरह बहाल करने का आदेश।
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भोजन, रहने, दवाइयों और कपड़ों की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
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आवश्यकता पड़ने पर होटल और होमस्टे अधिग्रहित करने के निर्देश।
🧑🏫 शैक्षणिक संस्थान बंद
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हर्षिल और धराली प्रभावित क्षेत्र में आपात सेवाओं को छोड़कर सभी शैक्षणिक व अन्य संस्थानों को बंद करने के आदेश।
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शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी को त्वरित कार्रवाई के निर्देश।
🚁 हवाई सहायता और एयरलिफ्टिंग पर जोर
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प्रभावितों को एयरलिफ्ट करने के लिए वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों की मदद लेने के निर्देश।
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वायुसेना, SDRF, ITBP और स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर झील के रिसाव को नियंत्रित करने के आदेश।
👥 प्रभावितों के लिए विशेष व्यवस्था
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बेघर लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की समुचित व्यवस्था, जरूरत पड़ने पर होटल अधिग्रहण।
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मृतकों के पोस्टमार्टम, घायलों की मेडिकल सहायता, और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश।
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डॉक्टरों की टीम, दवाइयां, एम्बुलेंस सेवा तत्काल सक्रिय।
🧑💼 प्रशासनिक नोडल अधिकारी तैनात
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए निम्न अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी:
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डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट (अपर सचिव) – नोडल अधिकारी
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अभिषेक रोहिल्ला व गौरव कुमार – सहायक अधिकारी
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विनीत कुमार (अपर सचिव) – धराली में स्थायी रूप से कैंप करने के निर्देश
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गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे – शासन स्तर से नोडल अधिकारी
🛣️ मार्ग बहाल, अधिकारी मौके के लिए रवाना
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नेताला में अवरुद्ध मार्ग मंगलवार रात करीब 8 बजे खोल दिया गया।
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मार्ग खुलते ही जिलाधिकारी, एसपी और अन्य राहत दल मौके के लिए रवाना।
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खाद्य और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें भी क्षेत्र में भेजी गईं।
📡 मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
“एक-एक जीवन हमारे लिए अमूल्य है। किसी भी प्रभावित व्यक्ति को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। राहत और पुनर्वास में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।”
📌 नोट: आपदा की निगरानी लगातार मुख्यमंत्री स्तर से की जा रही है और बुधवार सुबह तक विभिन्न विभागों के सचिवों की टीम भी धराली-हर्षिल क्षेत्र के लिए रवाना होगी।