कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से पूछे छह सवाल, नहीं मिला कोई जवाब
देहरादून ,
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सह प्रभारी एवं झारखंड विधायक दीपिका पांडे ने कहा है कि हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर हमारे सवालों पर अपनी बात रखेंगे कि उनकी सरकार राज्य में कोई सार्थक सुधार करने में विफल क्यों रही है। उन्होंने कहा कि 2014 के वादों पर आज भाजपा एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के जघन्य हत्याकांड में शामिल वीआईपी नेता कौन है और दीपिका ने कहा की ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी के साथ शारीरिक हिंसा और बेरहमी से हत्या के बाद 18 महीने से अधिक समय बीत चुका है। इस मामले में मुख्य आरोपी रिजॉर्ट के मालिक और बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता की माताजी के नेतृत्व में गिरफ्तारी की मांग को लेकर राज्य भर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेसीबी ऑपरेटर के हस्ताक्षरित हलफनामे से यह खुलासा होने के बाद कि उसने भाजपा विधायक रेनू बिष्ट और प्रमोद कुमार के आदेश पर रिसॉर्ट के दो सबूत वाले कमरों को ध्वस्त कर दिया, पीड़िता की मां ने उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की है। मुख्यमंत्री भले ही बार-बार अंकिता के परिवार से साथ और समर्थन का वादा कर रहे हैं और पूरी क्षमता के साथ जांच का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन वह काम इसके ठीक विपरीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने की ही शुरुआत में एक पत्रकार को झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि उसने इस मामले में सरकार की जानबूझकर की गई और लापरवाही को उजागर करने का साहस किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं कि अंकिता के परिवार को न्याय मिले और क्या न्याय की इस प्रक्रिया में बाधा डालने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से हेमा नेगी हत्याकांड, पिंकी हत्याकांड, जगदीश चंद्र हत्याकांड, विजय वात्सल्य हत्याकांड, केदार भंडारी हत्याकांड, विपिन रावत हत्याकांड पर भी किसी की जबावदेही सुनिश्चित हुई है और हमारी अपार आस्था के केंद्र भगवान बाबा केदारनाथ में 230 किलो सोना गायब हो गया, इसका दोषी कौन है और उत्तराखंड में पेपर लीक और भर्ती घोटालो का दोषी कौन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कई विभागों में भर्ती घोटाले हुए है जैसे अधिनस्थ सेवा चयन आयोग घोटाला, लोक सेवा आयोग घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला, फॉरेस्ट गार्ड भर्ती घोटाला, सहकारिता भर्ती घोटाला, पटवारी भर्ती घोटाला, इन घोटालों में कई गिरफ्तारियां भी हुई जिनमें अधिकांश भाजपा नेता व कार्यकर्ता संलिप्त थे, उन्होंने कहा कि हाकम सिंह किस पार्टी का पदाधिकारी रहा है और हरिद्वार का संजय धारीवाल तथा नितिन चैहान किस पार्टी के मंडल अध्यक्ष और महामंत्री रहे है और सैनिक बाहुल्य प्रदेश उत्तराखंड में युवाओं के भविष्य के साथ अग्निवीर जैसी योजना के नाम पर खिलवाड़ का दोषी कौन है। उन्होंने कहा कि राज्य मे बेरोजगारो ने जब रोजगार मांगा तब क्यों उन पर निर्मम लाठी चार्ज किया गया और इस लाठी चार्ज के दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। भाजपा सरकार उत्तराखंड की सबसे बड़ी चुनौतियों में बेरोजगारी और पलायन का समाधान करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। 2021 में, एक आटीआई से पता चला कि पिछले 10 वर्षों में पांच लाख लोग राज्य से बाहर चले गए हैं और पलायन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2020 का छैव् डेटा चिंताजनक रूप से बेरोजगारी की उच्च दर को दिखाता है। इसमें उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों के लगभग एक तिहाई युवा बेरोजगार हैं। इस अवसर पर कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी वार्मा में शामिल रहे।