सिलक्यारा टनल में राज्य के लंबा अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों की राय तक नहीं ली गईः कांग्रेस – uttarakhandawaaz.in

सिलक्यारा टनल में राज्य के लंबा अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों की राय तक नहीं ली गईः कांग्रेस

टनल निर्माण को एक प्राइवेट कंपनी ने डीपीआर तैयार की और दूसरी ने इसे पास कियाः करन
देहरादून ,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि सिलक्यारा में निर्माणाधीन टनल में राज्य के लंबा अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों की राय तक नहीं ली गई है जो चिंताजनक है। यहां कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने सिलक्यारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने की सहायता करने में लगे इंजीनियर्स, टैक्नीशियन, श्रमिक एवं स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया कहा कि इनकी कडी मेहनत से सभी 41 श्रमिक सकुशल बाहर निकालेंगें। उन्होंने कहा कि राज्य में 20 साल तक टिहरी बांध विशेषज्ञ जिनके दिशा निर्देशन में वर्टिकल सुरंग बनाई गई डाक्टर पीसी नवानी और डाक्टर केएस वल्दिया सहित अनेकों विशेषज्ञों की सरकार ने राय एवं सहयोग टनल निर्माण को लेकर नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल निर्माण के लिए एक प्राइवेट कंपनी ने डीपीआर तैयार की और दूसरी प्राइवेट कंपनी ने इसे पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसमें रिस्क सेटेलमेंट नहीं किया गया है और एनजीटी इस मामले में पूरी तरह से चुप है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले की सही जांच हो जाये तो केन्द्र सरकार व कंपनी की घोर लापरवाही सामने आयेगी। उन्होंने कहा कि एस्कैप टनल, हयूम पाईप का इस्तेमाल तक नहीं किया है और अनुभव की कमी कंपनी के प्रबंधकों में रही है और छठे दिन बाद ओएनजीसी को बुलाया गया यह भी चिंता जनक है। उन्होंने कहा कि द वायर की रिपोर्ट के अनुसार अडानी ग्रुप ने टनल का निर्माण करने वाली कंपनी के 2021 में 75 प्रतिशत शेयर खरीदे और उसके बाद 2022 में शेष सभी शेयर खरीद लिये। उन्होंने चिंता जाहिर की है कि अडानी गु्रप ने इसकी निंदा की है लेकिन किसी भी प्रकार की कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है इससे पता चलता है कि वास्तव में रिपोर्ट में सच्चाई है। उन्होंने कहा कि आॅल वेदर रोड में दस मीटर तक चैडा कर दिया और सामरिक दृष्टि का कारण बताया गया और कुछ लोगों को लाभ पहंुचाने के लिए ऐसा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अलग से आपदा प्रबंधन मंत्रालय होना चाहिए और आपदा प्रबंधन विभाग आज संविदा पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि डाक्टर पीसी नवानी एवं डाक्टर के एस वल्दिया एवं अन्य विशेषज्ञों ने अपनी पुस्तकों में भी जिक्र किया है और उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी में दलित युवतियों के साथ दुष्कर्म की घटना होने और जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय से मुआवजे की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।

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