उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस की सौगात, अधिकतम ₹6,908 मिलेंगे – uttarakhandawaaz.in

उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस की सौगात, अधिकतम ₹6,908 मिलेंगे

समूह ‘ग’, ‘घ’ और पात्र समूह ‘ख’ के कर्मचारियों के साथ दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा लाभ

देहरादून ,

उत्तराखंड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को मंजूरी दी है। इस फैसले से राज्य सरकार के हजारों कर्मचारियों के साथ विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और पात्र दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को लाभ मिलेगा।

वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, राज्य सरकार के समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के साथ समूह ‘ख’ के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके लिए ग्रेड वेतन की अधिकतम सीमा ₹4,800 निर्धारित की गई है, जो पुनरीक्षित वेतनमान में ₹47,600 से ₹1,51,100 (लेवल-8) तक है। हालांकि, उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी इसके पात्र नहीं होंगे।

पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹6,908 का बोनस

शासनादेश के तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम लगभग ₹6,908 का बोनस मिल सकेगा।

दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन तथा पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगियों को बोनस दिया जाएगा।

इन कर्मचारियों के लिए बोनस की गणना ₹1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर होगी। इसके अनुसार उन्हें अधिकतम लगभग ₹1,184 का बोनस मिल सकता है।

छह माह की सेवा पूरी करना अनिवार्य

शासनादेश के अनुसार, बोनस का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत थे और जिन्होंने इस तिथि तक कम से कम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की थी। छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस दिया जाएगा।

स्थानीय निकायों को भी राहत

सरकार के निर्णय के तहत लाभ की स्थिति में स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस दिया जा सकेगा। इसका भुगतान संबंधित निकायों और विकास प्राधिकरणों को अपने संसाधनों से करना होगा।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के पात्र कार्मिकों को त्योहार के अवसर पर आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों और कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी।

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