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गैरसैंण विधानसभा सत्र में 7 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट होगा पेश, विपक्ष के तेवरों से गरमाएगा सदन

चुनावी दहलीज पर धामी सरकार की तैयारी पूरी, रोजगार, पलायन और विकास के मुद्दों पर विपक्ष कर सकता है तीखे सवाल

देहरादून ,

देवभूमि उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण एक बार फिर प्रदेश की सियासत का केंद्र बनने जा रही है। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में प्रस्तावित विधानसभा सत्र को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्र में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किए जाने की तैयारी है। वहीं, आगामी चुनावों के मद्देनजर विपक्ष भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुटा है।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद सत्र में वित्तीय प्रावधानों और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। सरकार का जोर अधूरी योजनाओं को गति देने और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने पर रहेगा।

7 हजार करोड़ से अधिक के अनुपूरक बजट पर नजर

सरकार विधानसभा सत्र के दौरान 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास, आपदा राहत कार्यों, पर्यटन परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

अनुपूरक बजट के जरिए उन योजनाओं और विभागों की वित्तीय जरूरतों को पूरा किया जा सकता है, जिनके लिए मौजूदा बजट में निर्धारित राशि पर्याप्त नहीं है। ऐसे में सत्र के दौरान बजट आवंटन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों की समीक्षा की

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। अधिकारियों को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित करने और आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

सत्र से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सदन की कार्यवाही, चर्चा के विषयों और विधायी कार्यों का कार्यक्रम तय किया जाएगा। इसके साथ ही चमोली जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।

रोजगार और पलायन के मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष

सत्र की अवधि कम होने के बावजूद राजनीतिक दृष्टि से इसके महत्वपूर्ण रहने की संभावना है। विपक्ष रोजगार, पलायन, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है।

इसके अलावा प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और विकास योजनाओं की प्रगति जैसे विषय भी चर्चा में आ सकते हैं। सरकार की ओर से इन सवालों का जवाब देने की तैयारी की जा रही है।

चुनाव से पहले सियासी परीक्षा

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए गैरसैंण का यह सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। जहां सरकार विकास कार्यों और योजनाओं के जरिए अपनी उपलब्धियां सामने रखने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सरकारी फैसलों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा सकता है।

अब सबकी निगाहें भराड़ीसैंण विधानसभा भवन पर टिकी हैं, जहां बजट के साथ-साथ प्रदेश के राजनीतिक माहौल की भी परीक्षा होगी।

संपादकीय नोट: प्रकाशन से पहले सत्र की निर्धारित तारीख, अवधि, अनुपूरक बजट की स्वीकृत राशि और कैबिनेट के निर्णयों की आधिकारिक पुष्टि कर लें। उपलब्ध सामग्री में इन विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

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