देहरादून ,
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को श्री दरबार साहिब पहुंचकर माथा टेका। उन्होंने श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उत्तराखण्ड के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और राज्य से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
श्री दरबार साहिब की परंपरा के अनुरूप भगत सिंह कोश्यारी का स्वागत किया गया। भेंट के दौरान श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने उन्हें दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज का स्मृति चिन्ह भेंट किया। श्री कोश्यारी ने श्री गुरु राम राय ग्रुप द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि इन संस्थानों की सेवाएं समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच रही हैं।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की सेवाओं की सराहना
भगत सिंह कोश्यारी ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में निभाई जा रही भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने आयुष्मान योजना, गोल्डन कार्ड सहित राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया और श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज को जनसेवा के इन प्रयासों के लिए बधाई दी।
128 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित
अस्पताल के विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों के उपचार से संबंधित 128 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित होने की जानकारी दी गई। भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सरकार बजट की व्यवस्था कर रही है और जल्द ही अस्पताल को बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबित भुगतान के लिए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रयासों की भी सराहना
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं एसजीआरआर एजुकेशन मिशन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि एसजीआरआर एजुकेशन मिशन लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि श्री गुरु राम राय ग्रुप का मूल उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्थान जनकल्याण और मानव सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।