देहरादून ,
देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर उठ रही पर्यावरणीय चिंताओं और स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बीच उत्तराखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों के बीच सहमति और विश्वास का माहौल बनने तक परियोजना क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक रहेगी।
सरकार के अनुसार, यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना योजना है, जिस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत करीब 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट बनाए जाने का प्रावधान है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत की घटनाओं को कम किया जा सके।
सरकार ने कहा कि प्रदेश का विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं का सम्मान—तीनों उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के साथ दोबारा व्यापक संवाद स्थापित करने तथा सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना से संबंधित आगे की सभी कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशों और निर्णयों के अनुरूप ही की जाएगी। जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति नहीं बन जाती, तब तक पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
सरकार का कहना है कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर, जनता की भावनाएं और विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसी सिद्धांत के तहत संवाद, सहमति और व्यापक जनहित को आधार बनाकर परियोजना पर आगे निर्णय लिया जाएगा।