एसएचए की छापेमारी में आयुष्मान अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाएं उजागर

देहरादून ,
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) द्वारा आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में की गई औचक छापेमारी में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान मरीजों से अवैध वसूली, बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना, डॉक्टरों की गैरमौजूदगी, खराब डायलिसिस सेवाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी कई खामियां मिलीं।

एसएचए के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी के निर्देश पर निदेशक क्लेम डा. सरोज नैथानी के नेतृत्व में टीम ने पावरलाइफ अस्पताल, प्रेमसुख अस्पताल, प्रकाशदीप अस्पताल, वेलमेड अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद एसएचए ने प्रकाशदीप अस्पताल, पावरलाइफ अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर की डायलिसिस यूनिट की संबद्धता निलंबित करने की संस्तुति की है। वहीं प्रेमसुख अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर पर आर्थिक दंड लगाने की भी सिफारिश की गई है। सभी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

पावरलाइफ अस्पताल में अनावश्यक आईसीयू भर्ती

पावरलाइफ अस्पताल में सामान्य वार्ड नहीं मिला। निरीक्षण में पाया गया कि घबराहट और उल्टी की शिकायत वाले मरीज को बिना आवश्यकता आईसीयू में भर्ती किया गया था। अस्पताल में टोल फ्री नंबर और जनजागरूकता सामग्री भी प्रदर्शित नहीं थी। बायोमेडिकल वेस्ट की लॉग बुक तीन महीने से अपडेट नहीं मिली।

प्रेमसुख अस्पताल में अवैध वसूली की शिकायत

प्रेमसुख अस्पताल में आयुष्मान योजना के लाभार्थी से 48 हजार रुपये और अन्य मदों में छह हजार रुपये लेने की शिकायत सामने आई। अस्पताल में रैंप और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पाई गई। ऑपरेशन थिएटर की प्रभारी नर्स की जिम्मेदारी ओटी तकनीशियन निभाता मिला और स्टाफ को भर्ती प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी भी नहीं थी।

प्रकाशदीप अस्पताल की स्थिति सबसे खराब

प्रकाशदीप अस्पताल में मरीजों से 85 हजार रुपये तक वसूले जाने की शिकायत मिली। अस्पताल का आईसीयू बेहद खराब स्थिति में पाया गया और दो गंभीर मरीजों को तत्काल इंदिरेश अस्पताल रेफर करना पड़ा। निरीक्षण के दौरान एक भी उपचाररत डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। मरीजों ने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों से नियमित डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो रहे थे।

सुनंदा मेडिकल सेंटर में खराब डायलिसिस सेवाएं

सुनंदा मेडिकल सेंटर में डायलिसिस यूनिट की स्थिति बेहद खराब मिली। अस्पताल में वेंटिलेशन, रैंप और अग्नि निकास मार्ग का अभाव था। डायलिसिस मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले और आरओ सिस्टम भी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

वेलमेड अस्पताल में भी मिली खामियां

वेलमेड अस्पताल में रैंप और जनजागरूकता सामग्री नहीं मिली। 140 बेड वाले अस्पताल में आयुष्मान और राज्य स्वास्थ्य योजना के मरीजों की संख्या बेहद कम पाई गई। बायोमेडिकल वेस्ट लॉग बुक का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था।

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