देहरादून ,
निवेश पर बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर देहरादून निवासी एक परिवार से करीब 70 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने एक आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस ने पीड़ित की 6.26 लाख रुपये की राशि सुरक्षित (होल्ड) भी करा दी है, जिसे जल्द वापस कराने की प्रक्रिया चल रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ के अनुसार राजपुर निवासी एक नागरिक ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी फेसबुक पर एक निवेश संबंधी विज्ञापन के माध्यम से कथित वित्तीय सलाहकार के संपर्क में आई थीं। आरोपी ने अधिक लाभ का लालच देकर उन्हें एक व्हाट्सएप निवेश समूह से जोड़ा और एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आईडी बनवाकर विभिन्न बैंक खातों एवं यूपीआई माध्यमों से निवेश कराने के नाम पर धनराशि जमा करवाई।
आरोप है कि सुनियोजित साजिश के तहत पीड़ित से लगभग 69.90 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर पुलिस टीम ने डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी की पहचान की। इसके बाद महाराष्ट्र के वर्सोवा क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी Nabeel Karim Jawahire (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी निवेश समूह बनाकर लोगों को अधिक लाभ का झांसा देता था और निवेश के नाम पर बड़ी रकम हड़प लेता था।
बरामद सामान
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने निम्न सामग्री बरामद की है—
- वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन
- दो सिम कार्ड
- एक ड्राइविंग लाइसेंस
- बंधन बैंक के दो एटीएम कार्ड
- एक आधार कार्ड
- दो पैन कार्ड
- एक वोटर आईडी कार्ड
- एक जियो सिम
- एक विदेशी सिम कार्ड
- बंधन बैंक की एक चेकबुक
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप या अनजान निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।