अलर्ट: डेंगू रोकथाम को लेकर अस्पतालों से लेकर वार्ड स्तर तक एक्शन प्लान तैयार

देहरादून ,

देहरादून में डेंगू और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी Savin Bansal ने ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने साफ कहा कि डेंगू नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट, डेंगू एलिसा टेस्ट, पर्याप्त दवाइयां, ब्लड बैंक, बेड, उपकरण और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पतालों की मशीनों को पूरी तरह सक्रिय रखने और जांच दरें निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने डेंगू नियंत्रण के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और किसी भी मामले पर तुरंत रिस्पांस देने के निर्देश दिए। देहरादून और ऋषिकेश नगर क्षेत्रों में आशा कार्यकत्रियों को वार्डवार जिम्मेदारी देकर डोर-टू-डोर सर्वे कराने, रैपिड रिस्पांस टीम और वॉलिंटियर्स की तैनाती के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने को कहा गया।

डेंगू नियंत्रण अभियान में आशा कार्यकत्रियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। एनएचएम से मिलने वाले एक हजार रुपये और नगर निगम से 1500 रुपये के अलावा जिला प्रशासन की ओर से भी 1500 रुपये अतिरिक्त इंसेंटिव दिए जाएंगे।

बैठक में स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने सभी स्कूलों को एडवाइजरी जारी करने तथा बच्चों के लिए पूरी बाजू की ड्रेस अनिवार्य करने के निर्देश दिए। नगर निगम और नगर पालिकाओं को कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से डेंगू जागरूकता संदेश प्रसारित करने को कहा गया।

शहर में जलभराव रोकने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदी तटों सहित सभी छोटे-बड़े नालों और ड्रेनों की सफाई के निर्देश दिए गए। डेंगू हॉटस्पॉट क्षेत्रों में वॉलिंटियर्स की तैनाती, लार्विसाइड टैंकरों से रासायनिक छिड़काव और नियमित फॉगिंग कराने के आदेश भी जारी किए गए।

डीएम ने चेतावनी दी कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कैंपस और सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव या डेंगू लार्वा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारी चालान काटे जाएंगे।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बंजारावाला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, क्लेमेंटाउन, राजस्थानी बस्ती और कार्गी क्षेत्र मच्छर प्रजनन के लिहाज से संवेदनशील माने गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में जिले में डेंगू के 1201 मामले सामने आए थे और 13 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2024 में केवल 37 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2025 में 785 मामले सामने आए, हालांकि किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। वर्ष 2026 में अब तक डेंगू के पांच मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें तीन मामले बाहरी राज्यों से जुड़े बताए गए हैं।

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