देहरादून ,
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत देहरादून पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। अवैध रूप से भारत में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे पहचान छिपाकर रह रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर अवैध रूप से निवास कर रहे व्यक्तियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्थानीय अभिसूचना इकाई से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश के नटराज चौक क्षेत्र से संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रही थी भारत में
पूछताछ में अभियुक्ता ने अपना नाम रीना उर्फ रीता (24 वर्ष), निवासी ढाका (बांग्लादेश) बताया। उसने खुलासा किया कि वह लगभग एक माह पूर्व अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आई थी। उसे ‘रिपोन’ नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से नौकरी का लालच देकर भारत बुलाया था।
महिला ने पश्चिम बंगाल में फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर आधार कार्ड बनवाया था, जिसका उपयोग वह अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रही थी।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता के चलते अभियुक्ता के खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज किया गया है। उस पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं, पासपोर्ट अधिनियम 1967 और विदेशी/आव्रजन अधिनियम 2025 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बरामदगी
पुलिस ने अभियुक्ता के पास से:
- बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र
- फर्जी भारतीय आधार कार्ड
- बांग्लादेश नागरिकता प्रमाण पत्र की कॉपी
- एक मोबाइल फोन
जांच जारी
पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
मीडिया सेल, पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड