देहरादून ,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के चार खंडों का लोकार्पण और उद्घाटन किए जाने के बाद अब यात्रियों को टोल दरों में राहत मिलने जा रही है। बेहतर सड़क परियोजनाओं के चलते सफर तेज और सुगम होने के साथ-साथ टोल शुल्क में भी कमी देखने को मिलेगी।
करीब 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को दिल्ली से राजाजी टाइगर रिजर्व से जोड़ते हुए तैयार किया गया है। इसके निर्माण से कई टोल प्लाजा समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को अब कम टोल देना पड़ेगा। पहले जहां हरिद्वार और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग टोल देना पड़ता था, वहीं अब कुल मिलाकर खर्च कम हो जाएगा।
टोल दरों में कमी का असर
टोल दरों में बदलाव के तहत कार के लिए पहले जहां करीब ₹675 चुकाने पड़ते थे, अब यह घटकर लगभग ₹610 रह गया है। यह कमी नियमित यात्रियों और दैनिक आवागमन करने वालों के लिए राहत भरी खबर है।
टोल प्लाजा की संख्या में कमी
एक्सप्रेसवे बनने के बाद कई पुराने टोल प्लाजा हटाए गए हैं और कुछ को नए सिरे से समायोजित किया गया है। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा और जाम की स्थिति में भी कमी आएगी।
सफर होगा तेज और सुविधाजनक
नई सड़क परियोजना के तहत दिल्ली से देहरादून की दूरी अब लगभग 5–6 घंटे से घटकर करीब 2.5 से 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आवागमन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे के चालू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। साथ ही, यात्रियों को सुरक्षित और आधुनिक सड़क सुविधाएं मिलेंगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि टोल दरों में कमी के जरिए आम लोगों को आर्थिक राहत भी प्रदान करेगा।