देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार ने आगामी विधानसभा बजट सत्र के आयोजन स्थल को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि बजट सत्र गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में ही आयोजित किया जाएगा। हालांकि सत्र की औपचारिक तिथियों की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन इसके फरवरी के अंत या मार्च 2026 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,
“गैरसैंण राज्य की भावनाओं का केंद्र है। पिछले वर्ष विधानसभा भवन में मेंटेनेंस कार्य के चलते बजट सत्र देहरादून में आयोजित करना पड़ा था, लेकिन इस बार पूरी तैयारी के साथ भराड़ीसैंण में ही सत्र बुलाया जा रहा है। यह निर्णय राज्य की एकता और जनभावनाओं के सम्मान का प्रतीक है।”
बजट तैयारियों की स्थिति
वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने जानकारी दी कि वित्त विभाग द्वारा एक माह पूर्व सभी विभागों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बजटीय प्रस्ताव जमा करने के निर्देश दिए गए थे। अब पोर्टल बंद हो चुका है और प्राप्त बजट अनुमानों की प्रारंभिक समीक्षा पूरी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि विभागवार बजट प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो लगभग एक महीने तक चलेगी। केंद्र सरकार द्वारा 1 फरवरी 2026 को आम बजट पेश किए जाने के बाद उसी के अनुरूप राज्य बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा। सभी विभागों से चर्चा के बाद बजट प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बनेगी।
पिछले बजट सत्र (2025) में पारित प्रमुख विधेयक
पिछले विधानसभा बजट सत्र में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए थे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
-
उत्तराखंड नगर निगम एवं प्राधिकरण विशेष प्रावधान (संशोधन) विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड निक्षेपक हित संरक्षण (वित्तीय संस्थानों में) (निरसन) विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड राज्य विधानसभा (सदस्यों की सुविधाएं एवं पेंशन) (संशोधन) विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड कीड़ा विश्वविद्यालय विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड निरसन कारखाने विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड नगर एवं ग्राम योजना तथा विकास (संशोधन) विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड लोक सेवा (कुशल खिलाड़ियों के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2025
-
उत्तराखंड भूमि सुधार, निजी विश्वविद्यालय, जीएसटी एवं नगर निगम अधिनियम से जुड़े संशोधन विधेयक
-
उत्तराखंड विनियोग विधेयक, 2025
सरकार का कहना है कि आगामी बजट सत्र में प्रदेश के विकास, बुनियादी ढांचे, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े अहम फैसले लिए जाएंगे। गैरसैंण में सत्र आयोजन को राज्य की स्थायी राजधानी की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।