देहरादून ,
उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। आज शाम से मौसम करवट बदलने जा रहा है और अगले सात दिनों तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। पिछले तीन माह से बारिश न होने के कारण प्रदेश में सूखी ठंड ने लोगों को परेशान कर रखा है। पहाड़ी क्षेत्रों में पाला और मैदानी इलाकों में घना कोहरा जनजीवन के लिए मुसीबत बना हुआ है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार राज्य में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से आज शाम से उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून और हरिद्वार जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 2800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
आईएमडी ने 23 जनवरी को पर्वतीय जिलों के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि मैदानी जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कल देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश और 2300 मीटर तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
28 जनवरी तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 24, 25 और 26 जनवरी को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। इन दिनों 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके बाद 27 और 28 जनवरी को पूरे प्रदेश में फिर से बारिश और 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात का अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संभावित बारिश, बर्फबारी, पाला और शीतलहर से उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर जिलों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव सुमन ने सभी जनपदों को अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि मौसम खराब रहने की स्थिति में सभी कार्यदायी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। विशेष रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, पशुपालन और नगर निकाय विभागों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।