सरकारी परिसम्पत्तियों को समयबद्ध अतिक्रमणमुक्त करना अनिवार्य: डीएम – uttarakhandawaaz.in

सरकारी परिसम्पत्तियों को समयबद्ध अतिक्रमणमुक्त करना अनिवार्य: डीएम

समयसीमा में कार्रवाई न होने पर वेतन रोकने, निलंबन और सेवा बाधित करने के निर्देश**

देहरादून ,

जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित 5वीं अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक में सरकारी परिसम्पत्तियों को अतिक्रमणमुक्त करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सीधे विभागीय अधिकारियों की होगी, और तय समयसीमा में कार्रवाई न होने पर वेतन रोकने, निलंबन और सेवा बाधित करने की कार्यवाही की जाएगी।

डीएम की चेतावनी – “चिट्ठीबाजी से काम नहीं चलेगा, धरातल पर दिखे एक्शन”

बैठक में हरबर्टपुर ईओ द्वारा कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की बात पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारी “चिट्ठीबाजी” पर निर्भर न रहें। उन्होंने ईओ हरबर्टपुर को 2 दिन की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।


समयबद्ध अतिक्रमण हटाना अनिवार्य – डीएम

जिलाधिकारी ने कहा कि—

  • किसी भी विभाग के अधीन सरकारी भूमि, भवन, मार्ग, नहर, कार्यालय परिसर या अन्य परिसम्पत्तियों पर अवैध अतिक्रमण चिन्हित है तो उसे समयबद्ध रूप से हटाया जाए।

  • मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर पर अतिक्रमण हटाने की समीक्षा लगातार की जा रही है, इसलिए हर विभाग को निर्धारित अवधि में प्रगति दिखानी होगी।

  • विभागीय परिसम्पत्तियों की अद्यतन रिपोर्ट 2 दिन में जमा करने के निर्देश।

  • जिन विभागों की परिसम्पत्तियों पर कोई अतिक्रमण नहीं है, वे आज ही प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें, ताकि उसे गूगल शीट में अपडेट किया जा सके।


अतिक्रमण हटाने में देरी पर सख्त कार्रवाई

डीएम ने कहा कि देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए:

  • वेतन रोका जाएगा

  • निलंबन की कार्रवाई होगी

  • सेवाएं बाधित की जा सकती हैं

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान—

  • वीडियोग्राफी

  • साइट मैपिंग

  • राजस्व रिकॉर्ड का मिलान

  • सुरक्षा व्यवस्था

को अनिवार्य रूप से अपनाया जाए ताकि आगे किसी विवाद की स्थिति न बने।


संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश

डीएम ने राजस्व विभाग, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, सिंचाई, लोनिवि, वन विभाग सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए।


अब तक अतिक्रमण हटाने की प्रगति (विभागवार)

नगर पालिका/नगर निगम

  • विकासनगर: 2 मामले – 1 हाईकोर्ट में लंबित, 1 पर पीपी एक्ट नोटिस

  • डोईवाला: 3 मामले – 1 अतिक्रमण हटाया, 2 पर नोटिस

  • मसूरी: 99 में से 9 हटाए

  • हरबर्टपुर: 3 पुराने मामले – कार्रवाई लंबित, 2 दिन की चेतावनी

  • नगर निगम देहरादून: 203 में से 194 अतिक्रमण हटाए

लोक निर्माण विभाग (PWD)

  • लोनिवि प्रांतीय खंड: 125 में से 87 हटाए

  • लोनिवि ऋषिकेश: 274 में से 79 हटाए

राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)

  • देहरादून: 4 में से 2 हटाए

  • डोईवाला: 9 में से 7 हटाए

सिंचाई विभाग

  • 315 में से 221 अतिक्रमण हटाए

राजस्व विभाग (तहसीलवार)

  • सदर: 54 में से 49

  • विकासनगर: 34 में से 20

  • डोईवाला: 26 में से 19

  • ऋषिकेश: 46 में से 30

  • चकराता, कालसी, त्यूनी: कुल 15 चिन्हित


डीएम: “अतिक्रमण सार्वजनिक सुविधा और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव”

जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा तो उत्पन्न करता ही है, साथ ही—

  • सड़क व यातायात व्यवस्था

  • सार्वजनिक सुरक्षा

  • कानून-व्यवस्था

पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य है।


उपस्थित अधिकारी

बैठक में उपस्थित रहे—

  • प्रभावी वनाधिकारी नीरज शर्मा

  • अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा

  • नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल

  • उप नगर आयुक्त देहरादून संतोष पांडेय

  • एसडीएम सदर हरिगिरि

  • एसडीएम मुख्यालय अपूर्वा सिंह

  • राजस्व, सिंचाई, लोनिवि, वन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी

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