देहरादून ,
झंडीचौड़ व आसपास के क्षेत्रों में मानसिक एवं विकासात्मक समस्याओं से जूझ रहे बच्चों की स्थिति को समझने और उनका उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
स्थानीय प्रतिनिधियों की पहल पर यह मुद्दा विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूड़ी के संज्ञान में लाया गया था कि झंडीचौड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे मानसिक अक्षमता एवं विकासगत चुनौतियों से गुजर रहे हैं। इस गंभीर विषय को प्राथमिकता देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने श्री दरबार साहिब देहरादून आगमन के दौरान माननीय चेयरमैन श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज से विशेष शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया था।
✦ शिविर का शुभारंभ
मंगलवार को शिविर का शुभारंभ पूर्वी भारती देवी एजुकेशन फाउंडेशन, कोटद्वार के निदेशक डॉ. कमलेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
✦ 100 से अधिक बच्चों का परीक्षण
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के छह सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने शिविर में पहुंचे 100 से अधिक बच्चों का मानसिक, शारीरिक एवं विकासात्मक परीक्षण किया। डॉक्टरों ने बच्चों की मानसिक सेहत का विस्तृत आकलन कर स्क्रीनिंग के आधार पर महत्त्वपूर्ण डेटा तैयार किया।
इस डेटा के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में मानसिक अक्षमता या व्यवहारगत समस्याओं के पीछे संभावित चिकित्सीय, पोषण संबंधी या पर्यावरणीय कारण क्या हो सकते हैं।
✦ क्षेत्रों से भारी सहभागिता
शिविर में झंडीचौड़, लोकमणिपुर, किशनपुर, कलाल घाटी, हल्दूखाता सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक पहुंचे। डॉक्टरों को बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
✦ डॉक्टरों की टीम
शिविर में सेवाएँ प्रदान करने वाले प्रमुख विशेषज्ञ:
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डॉ. विदुषी मक्कड़ – मनोरोग विभाग
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डॉ. मनकरन संधू – मनोरोग विभाग
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डॉ. अर्चना सिंह – शिशु मनोचिकित्सक
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डॉ. अनुपम जोशी – शिशु एवं बाल रोग विभाग
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डॉ. रविकांत – कम्यूनिटी मेडिसिन
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डॉ. आलोक कुमार – कम्यूनिटी मेडिसिन
✦ सहयोग
शिविर की सफलता में बलराज दत्ता, सत्य प्रकाश थपलियाल, डॉ. नंद किशोर, जितेंद्र नेगी, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के निदेशक धीरेन्द्र मोहन रतूड़ी, एसजीआरआर पैरामेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश उनियाल एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी हरिशंकर गौड़ का विशेष योगदान रहा।
यह विशेष शिविर झंडीचौड़ और आसपास के क्षेत्र में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को समझने और सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।