उन्होंने कहा कि राज्य में आगामी दिनों में अत्यधिक ठंड, नमी, कोहरा, वर्षा और बर्फबारी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों की संभावना है, जिससे विद्युत वितरण प्रणाली प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली आपूर्ति देने के लिए पूर्व तैयारी आवश्यक है।
प्रबंध निदेशक ने प्रत्येक विद्युत वितरण खंड को विद्युत नेटवर्क की सघन मॉनिटरिंग कर आवश्यक तकनीकी कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मौसम के अनुरूप आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
साथ ही सभी 33/11 के.वी. उपकेंद्रों, फीडरों और ट्रांसफार्मरों का विशेष निरीक्षण कर निवारक रख-रखाव (Preventive Maintenance) कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ट्रांसफार्मर, ट्रॉली, केबल, कंडक्टर, इन्सुलेटर आदि सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे, ताकि आपात स्थिति में त्वरित मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जा सके।
यूपीसीएल ने फील्ड स्तर पर आपातकालीन मरम्मत दलों (Emergency Teams) को सक्रिय रखने और आवश्यक उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। शीत ऋतु में बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए लोड प्रबंधन की नियमित मॉनिटरिंग और लाइन लॉस नियंत्रण पर भी बल दिया गया है।
प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तैयारियों की साप्ताहिक रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करें, ताकि राज्य स्तर पर समुचित मॉनिटरिंग की जा सके।
निगम ने आम जनता से अपील की है कि वर्षा, हिमपात या तूफान की स्थिति में खुले विद्युत तारों या टूटे पोल के समीप न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी विद्युत कार्यालय या 1912 पर तुरंत सूचना दें।
