देहरादून ,
“दवा से कहीं अधिक असरदार है नियमित फिजियोथेरेपी, यह न केवल दर्द को कम करती है बल्कि जीवनशैली को फिर से सक्रिय बनाती है।” इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा एक दिवसीय सेमिनार सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विशेषज्ञों ने कंधे, गर्दन और पीठ दर्द से जुड़ी समस्याओं के नैदानिक मूल्यांकन व उपचार कौशल पर उपयोगी जानकारियाँ साझा कीं। अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएँ दीं।
कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. सोनिया गम्भीर, डॉ. कीर्ति सिंह, डॉ. शारदा शर्मा और प्रो. डॉ. नीरज कुमार ने दीप प्रज्वलन कर किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अभिषेक शर्मा (फाउंडर, फिजियो क्लासरूम, अंतर्राष्ट्रीय इंस्ट्रक्टर, पीआरआरटी लंदन) ने बताया कि फिजियोथेरेपी के माध्यम से फ्रोजन शोल्डर, रोटेटर कफ इंजरी, सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस, मसल स्पास्म, कमर दर्द, साइटिका और घुटनों की समस्याओं का प्रभावी उपचार संभव है।
उन्होंने लाइव डेमो के जरिए मैनुअल थेरेपी, मोबिलाइजेशन तकनीक और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज की बारीकियाँ समझाईं और कहा –
👉 “नियमित फिजियोथेरेपी केवल दर्द घटाने तक सीमित नहीं, बल्कि रोगियों को लंबे समय तक आराम और सक्रिय जीवनशैली प्रदान करती है।”
कार्यक्रम के अंत में प्रो. डॉ. नीरज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. शमा परवीन, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. तबस्सुम, डॉ. सुरभि, डॉ. रविन्द्र, डॉ. अकांक्षा, डॉ. अभिषेक, डॉ. सुषांत, डॉ. विशाल और डॉ. जयदेव का विशेष सहयोग रहा।