देहरादून ,
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अभूतपूर्व तकनीकी खोज की है, जो विमानों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को राडार की पकड़ से दूर रखेगी। इस अनोखी तकनीक—’इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस (EMI) शील्डिंग फिल्म—को भारत सरकार द्वारा पेटेंट भी प्रदान किया गया है।
EMI Shielding Film कैसे काम करती है?
ग्राफिक एरा के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक डॉ. वारिज पंवार और डॉ. विकास राठी ने वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद इस खोज को संभव किया है। यह पतली फिल्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप (EMI) से बचाती है और राडार किरणों को सोखकर उन्हें वापस लौटने से रोकती है। इसके परिणामस्वरूप, कोई भी विमान या उपकरण जो इस फिल्म से ढका हो, राडार की स्क्रीन से गायब हो जाता है।
रक्षा और उद्योग में संभावित उपयोग
यह खोज न केवल विमानन क्षेत्र में, बल्कि कई अन्य उद्योगों में भी उपयोगी साबित हो सकती है। इसकी संभावनाओं में शामिल हैं:
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राडार और गाइडेड मिसाइल
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इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर
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सैटेलाइट कम्युनिकेशन (डीटीएच, वी-सैट)
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एवियोनिक्स (विमान संचार)
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आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स (5G तकनीक, माइक्रोवेव इमेजिंग)
भविष्य में सुरक्षा और ऊर्जा-कुशल उपकरण
डॉ. राठी के अनुसार, यह पेटेंट उनके वर्षों के शोध का परिणाम है और यह भविष्य में सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल उपकरणों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
ग्राफिक एरा: नवाचार का हब
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने वैज्ञानिकों को इस खोज के लिए बधाई दी और इसे देश के लिए एक ‘बेहतरीन उपहार’ बताया। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा का वातावरण और आधुनिक तकनीकी संसाधन वैज्ञानिकों को नई खोजों के लिए प्रेरित करता है।
इस खोज के अलावा, ग्राफिक एरा की प्रयोगशालाओं में पहले भी कई महत्वपूर्ण नवाचार हुए हैं, जैसे:
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टाइफाइड का पता लगाने की नई तकनीक
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व्यायाम को सुखद बनाने वाली एआई मशीन
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पेड़-पौधों से अधिक औषधीय तत्व निकालने की तकनीक
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ग्रीन टी से फंगल-रोधी दवा का फार्मूला
यह नवाचार उत्तराखंड राज्य के लिए गर्व की बात है, और वैज्ञानिकों के लिए यह पेटेंट एक बड़ी उपलब्धि है।