हरिद्वार ,
धर्मनगरी कनखल से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कनखल क्षेत्र की एक नाबालिग युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजन गंभीर हालत में उसे रामकृष्ण मिशन बंगाली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने युवती को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद परिजनों ने शव ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई, लेकिन अस्पताल के महिला और पुरुष गार्ड ने उसे “बाहरी एंबुलेंस” बताते हुए परिसर में प्रवेश से रोक दिया। परिजनों ने विरोध किया, लेकिन गार्डों ने एंबुलेंस को अंदर नहीं जाने दिया।
आरोप है कि महिला गार्ड ने “महाराज का हवाला” देते हुए एंबुलेंस को रोका और स्थिति बिगड़ने पर पुरुष गार्ड को भी बुला लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक गार्ड ने एंबुलेंस रोकने के लिए वाहन के आगे तक लेटने की कोशिश की।
थक-हारकर परिजनों को मृत नाबालिग का शव हाथों में उठाकर अस्पताल गेट तक लाना पड़ा और वहीं से शव एंबुलेंस में रखा गया।
घटना देर रात लगभग 10 बजे की है। इस दौरान अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि बंगाली अस्पताल का यही रवैया रहा तो “इस पर ताले लगने में देर नहीं लगेगी।”
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