देहरादून,
उत्तराखंड में भारी बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी देहरादून में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट और देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर व ऊधमसिंह नगर में कम से मध्यम स्तर की बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
राजधानी में जलभराव और खतरे की स्थिति
सोमवार को तेज बारिश के बाद सहस्रधारा रोड, नालापानी और रायपुर सबसे अधिक प्रभावित रहे। रायपुर में उफनते नाले में आधा दर्जन से अधिक मवेशी बह गए। आईटीपार्क चौक पर पानी भरने से लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रही।
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टपकेश्वर मंदिर के पास तमसा नदी का रौद्र रूप लोगों में डर पैदा कर रहा है।
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नालापानी क्षेत्र में नाले का पानी सड़क तक पहुंच गया, जिससे सरकारी और आवासीय भवनों को खतरा है।
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आमतौर पर सूखी दिखने वाली रिस्पना नदी तेज बहाव में है, जिससे किनारे बस्तियों पर खतरा मंडरा रहा है।
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मालदेवता क्षेत्र में सौंग और बांदल नदियां उफान पर हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
अगले 3–4 घंटों में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, ऊधमसिंह नगर समेत मसूरी, ऋषिकेश, काशीपुर, रानीखेत और कोटद्वार में मध्यम से भारी बारिश, तेज तूफान और बिजली गिरने की आशंका है।
पहाड़ों में भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध
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गढ़वाल-कुमाऊं को जोड़ने वाला नैनीताल हाईवे कर्णप्रयाग के पास जखेड़ में भूस्खलन से बंद है।
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उमटा के पास देर रात मलबा आने से हाईवे बाधित हुआ और एक टैक्सी वाहन फंस गया।
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यमुनोत्री पैदल मार्ग पर जानकीचट्टी से आगे घिडिका में भूस्खलन से मार्ग बंद है, हालांकि लोग बाल-बाल बचे।
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बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी के भनेर पानी में रविवार शाम से बंद था, जिसे सोमवार सुबह साढ़े सात बजे खोला गया और करीब 1000 यात्रियों को गंतव्य की ओर भेजा गया।
प्रदेश प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।