मोर्चा का बड़ा आरोप: विधायक उमेश कुमार को संरक्षण देकर माफियाराज कायम करना चाहती हैं विधानसभाध्यक्ष – रघुनाथ सिंह नेगी

विकासनगर / देहरादून ,
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रदेश की विधानसभाध्यक्ष ऋतु खंडूरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार को दल-बदल मामले में संरक्षण देकर वे संविधान और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। नेगी ने इस प्रकरण को एक “अपराधिक षड्यंत्र” करार देते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया उत्तराखंड जैसे शांत राज्य के लिए कलंक है।

तीन वर्षों से लंबित है याचिका, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी हो चुके हैं सख्त

नेगी ने कहा कि 26 मई 2022 को रुड़की निवासी पनियाला द्वारा विधायक उमेश कुमार के खिलाफ दल-बदल कानून के अंतर्गत याचिका विधानसभाध्यक्ष के समक्ष दाखिल की गई थी, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि ये मामला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि संवैधानिक शुचिता से जुड़ा है।

उन्होंने बताया कि याचिका में यह उल्लेख किया गया था कि उमेश कुमार ने निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेकर दल-बदल कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने खुद की पार्टी भी बनाई, जो संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन है।

“क्यों डर रही हैं विधानसभाध्यक्ष?” – नेगी का तीखा सवाल

रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि विधानसभाध्यक्ष का इस मामले में कोई फैसला न लेना यह दर्शाता है कि या तो मिलीभगत है या किसी दबाव का भय। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभाध्यक्ष ने सचिवालय अधिकारियों को मौखिक रूप से इस मामले में कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं।

“अगर कोई दबाव है, तो इस्तीफा दे देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में विधानसभाध्यक्षों की लेटलतीफी और पक्षपात को लेकर तीखी टिप्पणी की है,” – रघुनाथ सिंह नेगी

विधायक पर गंभीर आपराधिक आरोप

नेगी ने विधायक उमेश कुमार पर दर्ज लगभग 30 आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, ज़मीन कब्जाने, जालसाजी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को संरक्षण देना प्रदेश की छवि को धूमिल करने जैसा है।

“पिता खंडूरी से कुछ नहीं सीख पाईं ऋतु खंडूरी”

नेगी ने विधानसभाध्यक्ष ऋतु खंडूरी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अपने पिता जनरल बी.सी. खंडूरी की तरह अनुशासन और नैतिकता का पालन नहीं कर सकीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व में दल-बदल मामलों में कई विधायकों को इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन यहां मामला उलट है।

मोर्चा ने की इस्तीफे की मांग

जन संघर्ष मोर्चा ने विधानसभाध्यक्ष के इस रवैये को “गैर-जिम्मेदाराना” और “संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ” बताया। नेगी ने साफ कहा कि यदि वे निर्णय लेने में अक्षम हैं, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मोर्चा ने उन्हें “लानत” भेजते हुए नैतिक ज़िम्मेदारी लेने का आग्रह किया।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित

इस अवसर पर मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य ठाकुर भाग सिंह एवं प्रवीण शर्मा पिन्नी भी मौजूद रहे।

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