देहरादून / मसूरी ,
उत्तराखंड सरकार ने मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ती अव्यवस्थाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 अगस्त से मसूरी आने वाले पर्यटकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय के तहत पर्यटन विभाग ने एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया है, जहां पर्यटक अपनी यात्रा से पहले पंजीकरण कर सकेंगे।
क्यों जरूरी हुआ यह कदम?
हर साल पीक सीजन और लंबे वीकेंड्स पर मसूरी में उमड़ती भीड़ से कई समस्याएं सामने आती हैं:
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ट्रैफिक जाम
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पार्किंग की भारी कमी
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स्थानीय संसाधनों पर अत्यधिक दबाव
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आपातकालीन सेवाओं में बाधा
सरकार का कहना है कि पर्यटकों की संख्या पर नियंत्रण और प्रबंधन के लिए यह पंजीकरण प्रणाली आवश्यक हो गई है।
शुरुआत में कैसी होगी व्यवस्था?
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अभी इस व्यवस्था को सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा।
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लक्ष्य है लोगों को जागरूक करना और उन्हें नई प्रक्रिया से जोड़ना।
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2026 से पीक सीजन और अवकाशों में इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
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मसूरी की पर्यटक क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा रहा है।
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एक रियल टाइम डाटा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे यह पता चल सकेगा कि किसी समय मसूरी में कितने पर्यटक मौजूद हैं।
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होटल, होम स्टे, धर्मशालाएं इस योजना में भागीदार बन रही हैं।
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मसूरी होटल एसोसिएशन को पंजीकरण लिंक उपलब्ध करा दिया गया है ताकि वे ऑनलाइन बुकिंग वाले पर्यटकों का विवरण दर्ज कर सकें।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय मसूरी की पर्यटन व्यवस्था को संतुलित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी लागू किया जा सकता है।