देहरादून में सचिवालय में आयोजित परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना को शीघ्र शुरू करने पर बल देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिलना चाहिए। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग अवसंरचना के तेजी से विकास को प्राथमिकता देने की बात कही और सभी कार्यों को योजनाबद्ध व समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।ग्रीन सेस से बढ़ेगा राजस्व, होगा पर्यावरण संरक्षणमुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। इससे जहां एक ओर राज्य की राजस्व आय में इजाफा होगा, वहीं वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।बस अड्डों और चार्जिंग स्टेशन के विकास पर जोरउन्होंने निर्माणाधीन बस अड्डों के काम को समयसीमा में पूरा करने की आवश्यकता बताई ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए—
बस अड्डों
पार्किंग स्थलों
राजकीय भवनों व अतिथि गृहों
पेट्रोल पंपों के निकट
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सुविधाएं सुलभ होने से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकृति बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।देहरादून और हरिद्वार में 150 ई-बसे चलेंगीबैठक के दौरान परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत देहरादून और हरिद्वार में प्रारंभिक चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इससे
नागरिकों को सुगम व पर्यावरण अनुकूल यातायात मिलेगा
750 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे
वर्तमान में 28 स्थानों पर ई-वी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं और भविष्य में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी।राज्य सरकार की प्रतिबद्धतामुख्यमंत्री धामी ने अंत में स्पष्ट किया कि उत्तराखंड को ग्रीन ट्रांसपोर्ट मॉडल के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री को शीघ्र कार्यान्वयन का आश्वासन दिया।